गांव रियोनाई में शिव मंदिर रोड परिसर पर आयोजित बौद्ध कथा में औरैया से पधारे मोहन बौद्ध ने पंचशील सिद्धांत के आधार पर जीवन जीने की प्रेरणा दी।
शाक्य, माली, मौर्य एवं सैनी समाज के तत्वाधान में हुई कथा में मोहन बौद्ध ने बताया कि पंचशील सिद्धांत में प्राणी हिंसा से मनुष्य को दूर रहना चाहिए। झूठ बोलना, चोरी करना और दुराचार से मनुष्य को दूर रहना चाहिए। उन्होंने समाज में बढ़ रहे नशीले पदार्थों के सेवन से युवाओं को दूर रहने का आह्वान करते हुए जीवन का आनंद लेने की बात कही। बौद्धकथा प्रवक्ता रागिनी बौद्ध ने भी श्रोताओं को बताया कि आज के समय में मनुष्य तरह-तरह के प्रायोजन से ईश्वर भक्ति के मार्ग को अपना रहा है लेकिन सबसे बड़ी भक्ति स्वयं को बदलने से है। संसार में रहकर बुरे कर्मों से बचकर परोपकार के साथ रूढ़िवादिता की प्रथा को बदलने का काम करें। इससे पूर्व उझानी से पहुंचे बौद्ध भिक्षु आनंदजी एवं शाक्य, माली, मौर्य एवं सैनी समाज के जिलाध्यक्ष रामेश्वर शाक्य ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। इस मौके पर श्याम सुंदर शाक्य, प्रधान पुष्पेंद्र शाक्य, वीरपाल यादव, चंद्रपाल शाक्य सहित तमाम लोग मौजूद रहे।