शारदीय नवरात्र की अष्टमी को सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। प्रसिद्ध सिद्धपीठ नगला मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों में कपाट खुलने से पहले ही लोगों की कतार नजर आई। श्रद्धालुओं ने अपने व्रत का पारायण कर कन्या भोज कराया।
सुबह से जगह-जगह वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ हवन-पूजन शुरू हो गए। इस दौरान मां के आठवें स्वरूप महागौरी की विधि-विधान से पूजा की गई। कई जगहों पर कन्या भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें नौ कन्याओं और एक बटुक का पूजन किया गया। इस दौरान सर्वप्रथम कन्याओं के पैर धोकर, उनके मस्तक पर रोली-चावल से टीका लगाकर हाथ में मौली धागा बांध पुष्पमाला पहना चुनरी ओढ़ाई गई। बाद में भोजन में हलवा-पूरी, चना, मीठा आदि खिलाया गया।