कादरचौक। कुछ पल पहले तक माहौल भक्तिमय था। डीजे पर बज रहे भजनों की धुन पर कांवड़िये नाचते-गाते चल रहे थे। कोई भोले की भक्ति में झूम रहा था तो कोई साथियों के साथ जयकारे लगा रहा था। गौरामई गांव से गुजर रही कांवड़ यात्रा में हर तरफ उत्साह दिखाई दे रहा था, लेकिन खुशियों का यह माहौल कुछ ही पल मेें चीख-पुकार में बदल गया।
डीजे में हाईटेंशन लाइन छूते ही वह जल उठा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, करंट के झटके लगने लगे। एक-एक कर कांवड़िये करंट की चपेट में आकर उछलते हुए दूर जा गिरे। अचानक हुए हादसे से वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर डर साफ दिखाई देने लगा। जो कांवड़िये कुछ क्षण पहले नाचते हुए एक-दूसरे का हौसला बढ़ा रहे थे, वही सब अपनों को संभालने के लिए दौड़ रहे थे।
डीजे की आवाज और भोलेनाथ के जयकारों के बीच अचानक चीखें सुनाई देने लगीं। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ। कांवड़िये इधर-उधर भागने लगे। इस हादसे ने कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों को झकझोर दिया।