उझानी (बदायूं)। कछला से कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर निकले कांवड़ियों को ‘रफ्तार’ ने खुद को ही नहीं बल्कि पुलिस को भी परेशानी में डाले रखा। कछला और बदायूं के बीच बरेली-मथुरा हाईवे पर रविवार देर रात से लेकर सोमवार तक पांच स्थानों पर हुए हादसों में 11 कांवड़िया घायल हो गए। घायलों में आठ कांवड़िया बरेली जिले के हैं। पुलिस ने घायलों का प्राथमिक उपचार भी कराया है।
पहला हादसा हाईवे पर वितरोई मोड़ के पास रविवार रात में करीब नौ बजे हुआ। बरेली में भदरागंज इलाके के वीरेंद्र (33) की बाइक फिसल गई। सिर में चोट लगने से लहूलुहान वीरेंद्र को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फिर जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। बरेली में ही नवाबगंज कस्बे के सतीश (35), भमोरा निवासी बाइक सवार देशरथ (18) पुत्र रामगोपाल, राधेश्याम (25) पुत्र नन्हेलाल और पुष्पेंद्र (22) पुत्र राधे को सामने से कांवड़ियों की कार ने चपेट में ले लिया। तीनों कांवड़िया घायल हो गए। आंवला निवासी हरीओम (22) पुत्र दीनदयाल डीजे लगी ट्रॉली से गिर पड़ा। हरीओम की टोली में ही शामिल कल्लू (10) पुत्र विपिन बाइक को सवार ने रौंद दिया। बाइक सवार कासगंज जिले में सोरों कोतवाली के गांव गुलाबगढ़ी निवासी मुकेश कुमार भी घायल हो गया। बरेली जिले में आंवला निवासी श्रीपाल (30) पुत्र लालाराम और नंदराम (45) बाइक फिसलने से घायल हो गया। इसके अलावा सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहम्मदनगर निवासी राजेश (35) पुत्र हरीओम को बाइक फिसलने के बाद घायलावस्था में सुबह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया।
हेलमेट लगाकर चलने वाले कांवड़ियों की संख्या बहुत कम
उझानी। सावन माह में कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले अधिकतर युवक बाइक से ही निकलते रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब तक 30 से अधिक कांवड़ियों को घायलावस्था में भर्ती कराया जा चुका है लेकिन अस्पताल पहुंचने पर इनमें चार-छह के अलावा किसी के सिर में हेलमेट नहीं लगा था। हेलमेट के अभाव में ही कांवड़ियों के सिर में चोटें आई हैं। पुलिस इसलिए भी उन्हें हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित नहीं कर पा रही है कि कहने पर कहीं वह भड़क न जाएं।