ओरछी। फैजगंज बेहटा के गांव ओरछी निवासी कमला पत्नी रूम सिंह के शव की पहचान उनके आई कार्ड से हुई थी। कमला अपने पड़ोस की अंगूरी देवी, रीना, जूरानी और गांव की कमला के साथ रोडवेज बस में सवार होकर हाथरस गईं थीं। अंगूरी देवी का कहना है कि सत्संग खत्म होने के बाद वह काफी समय तक कमला का इंतजार करती रहीं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला था। समय भी ज्यादा हो रहा था। इससे वह बस में सवार होकर अपने घर आ गईं। उन्होंने सोचा था कि वह किसी वाहन से सवार होकर घर आ जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार देर शाम कमला के परिवार वालों के मोबाइल पर कॉल आई कि सत्संग में मची भगदड़ में कमला की मौत हो गई है। उनके गले में एक आई कार्ड पड़ा था। उस पर नाम पता और मोबाइल नंबर भी लिखा था, जिससे उनकी पहचान होने में आसानी हो गई। इससे परिवार वाले हाथरस पहुंच गए और पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को गांव लेकर आए। सुबह इसकी सूचना पर तहसीलदार विजय कुमार और एसओ फैजगंज बेहटा वेदपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। बुधवार को लगातार बारिश होने की वजह से उनके शव को चंदौसी ले जाया गया, वहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
रामवती बोलीं- बेहोश होकर गिर रहीं थीं महिलाएं, जैसे-तैसे मैं बची
दहगवां। जरीफनगर के कस्बा दहगवां निवासी रामवती पत्नी फतेह सिंह हाथरस हादसे की प्रत्यक्षदर्शी हैं। उनका कहना है कि वह अब तक करीब 45-46 बार सत्संग में शामिल हो चुकी हैं। वह मंगलवार को भी सत्संग में शामिल होने गईं थीं। जब वह सत्संग से बाहर निकल रही थीं। तभी अंदर से भीड़ का रेला आया और लोगों को दबाते हुए चला गया। मेरे सामने महिलाएं बेहोश होकर जमीन पर गिर रहीं थीं। हालात बेकाबू थे और कोई किसी को बचाने की स्थिति में नहीं था। सब अपनी जान बचाने के लिए एक के ऊपर एक कदम रखकर भाग रहे थे। गनीमत रही कि वह भीड़ के बीच में नहीं थीं, जिससे वह सकुशल बच गईं। संवाद
इन लोगों की गई जान
1. रोशनी (16) पुत्री कैलाश निवासी कस्बा बिल्सी
2. वीरवती (55) पत्नी प्रेमपाल ग्राम फतेह नगला थाना बिल्सी
3. मंगू देवी (71) पत्नी रामनिवास ग्राम गढ़ी थाना बिल्सी
4. धर्मवती (44) पत्नी जगपाल निवासी ग्राम लभारी थाना इस्लामनगर
5. कुसुमा (44) पत्नी ज्ञानेश मौर्या काॅलोनी बिसौली
6. कमला (47) पत्नी रूम सिंह ओरछी फैजगंज बेहटा
7. पिंकी शर्मा (25) पुत्री श्याम बाबू निवासी करियावैन एवं पत्नी सुनील शर्मा निवासी उदयभानपुर