कादरचौक। मिनी कुंभ कहे जाने वाले ककोड़ा मेला में शुक्रवार को कल्पवासियों ने भोर में डुबकी लगाकर मां गंगा से मनोकामनाएं मांगीं। सभी श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष पुनः बुलाने का मां गंगा से आशीर्वाद लिया। दोपहर तक श्रद्धालुओं ने अपने तंबू समेटे और घर वापसी की राह पकड़ी।
श्रद्धालुओं ने सप्ताहभर चलने वाले कल्पवास में भक्ति भाव से भाग लिया। कुर्मियान मेले में कुर्मी समाज के साथ-साथ बरेली, आंवला और शाहजहांपुर से आए श्रद्धालु भी द्वितीया तिथि तक गंगा स्नान कर हर हर गंगे के जयघोष के साथ विदा हुए। शुक्रवार दोपहर तक कल्पवासियों की वापसी शुरू हो गई। इसके साथ ही तंबू भी उखड़ने लगे। विकास प्रदर्शनियां भी उतारी जाने लगीं।
रंगमंच के कार्यक्रमों का पांडाल बंद होने के बाद अब मेला क्षेत्र में बाजार और खेल-तमाशे ही आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं देहात क्षेत्रों और आसपास के गांव-कस्बों से अब भी श्रद्धालुओं का आगमन जारी है, जिससे मेला बाजार गुलजार है। दुकानदारों को भी इस दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
इस वर्ष मेले में पंचायत चुनावों का असर भी साफ दिखाई दिया। ग्राम प्रधानों और संभावित प्रत्याशियों ने श्रद्धालुओं को अपने वाहनों से मेला स्थल तक पहुंचाया। अनुमान के अनुसार इस वर्ष मेले में 6 से 7 लाख श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे कई बार जाम की स्थिति भी बनती रही।
खिचड़ी भोज का हुआ आयोजन
गंगा किनारे श्रद्धालुओं ने अपनी परंपरा के अनुसार खिचड़ी भोज का आयोजन किया। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना की, कन्याओं का पूजन कर खिचड़ी, दही और जलेबी का प्रसाद वितरित किया। संध्या के समय दीपदान का अद्भुत दृश्य गंगा तट की शोभा बढ़ाता रहा। झिलमिलाते दीपकों की रोशनी से पूरा तट अलौकिक आभा से भर गया।
रामानुजाचार्य सेवा संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, वहीं आर्य समाज वेद प्रचार शिविर में प्रतिदिन वेदमंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ संपन्न हुआ। देवराह बाबा गौ रक्षा आश्रम, आर्य उप प्रतिनिधि सभा और जन जागृति शिविर के कार्यकर्ताओं ने गंगा तट पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं को जागरूक किया। राजकीय चिकित्सालय की ओर से मेले में आए रोगियों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
गंगा नदी में फंसी जेसीबी
इसी बीच एक जेसीबी गंगा में फंस जाने की घटना भी चर्चा का विषय बनी। जानकारी के अनुसार, गंगा का जलस्तर कम होने से एक श्रद्धालु ट्रैक्टर लेकर नदी के उस पार चला गया, जो बीच में फंस गया। ट्रैक्टर को निकालने गया जेसीबी चालक भी गंगा में फंस गया। बाद में तीन क्रेन से जेसीबी को बाहर निकाला जा सका।
ककोड़ा मेले गंगा नदी में फंसी जेसीबी। सोशल मीडिया- फोटो : 1
ककोड़ा मेले गंगा नदी में फंसी जेसीबी। सोशल मीडिया- फोटो : 1