जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, जिलाधिकारी शंभूनाथ यादव सहित तमाम अधिकारियों के द्वारा गंगा तट पर हवन-पूजन और दुग्धाभिषेक किया जाएगा और मेला की सफलता की कामना की जाएगी। मेला स्थल पर ही सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होगी। गंगा का जलस्तर भी नपवाया जाएगा।
इधर, बाढ़ खंड के जेई दिलशाद ने बताया कि 20 नवंबर को गंगा का जलस्तर घटने की उम्मीद है। मेला के आरंभ से पहले ही हमेशा सफाई कर्मचारी मेला में पहुंच जाते थे लेकिन इस बार अभी तक मेला में कोई सफाई कर्मी नहीं पहुंचा है। मेला की सफाई व्यवस्था के लिए एक नोडल अधिकारी, तीन ईओ चार एडीओ पंचायत रहते हैं। ढाई सौ सफाई कर्मचारी पंचायतराज और नगर पंचायतों से लिए जाते हैं।
गंगा मे नहीं होगा विसर्जन
कादरचौक। गंगा को गंदगी से मुक्त रखने के लिए विशेष सावधानी रखी जाएगी। अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि गंगा में किसी भी प्रकार का विर्सजन नहीं किया जाएगा। भू विसर्जन के लिए गंगा तट पर गड्ढे खोद दिए जाएंगे। जिससे गंगा प्रदूषण से मुक्त रहे।
फायर ब्रिगेड नहीं पहुंची
कादरचौक। मेलास्थल और आसपास का इलाका घास फूंस पर आधारित है। कपड़े के टेंट भी लग रहे हैं। फायर ब्रिगेड का टैंट भी लग चुका है लेकिन अभी तक मेला में फायर ब्रिगेड नहीं पहुंची है। रेडियो निरीक्षक फूल सिंह द्वारा वायरलैस सैट भी लगा दिए गए है। कंट्रोल रूम बनने के साथ ही मेला स्थल जिला मुख्यालय के संपर्क में रहेगा।
शौचालयों का सामान पहुंचा
कादरचौक। मेला में शौचालय का सामान पहुंच गया है लेकिन अभी तक नलों के न पहुंचने से पानी की परेशानी हो रही है। लाइटें लगनी शुरू हो गई हैं। मेला की प्रकाश व्यवस्था भी एक तरह से सुंदरता को बढ़ाती है। मेला के मुख्य मार्ग और अधिकारी लेन की लाइटें लगनी शुरू हो गई हैं।
पीलीभीत बस्ती की ओर 100 मीटर बढ़ा मेला
कादरचौक/बदायूं। निर्धारित मेला स्वरूप के अनुसार पूरब में बरेली और पीलीभीत की बस्तियों को स्थान तय है। इस बार पूरब दिशा में गत वर्ष की अपेक्षा मेला 100 मीटर बढ़ा दिया गया है। वहीं बरेली और पीलीभीत बस्ती की ओर खैराती चौक का रोड और बाईपास भी डबल लेन बनाया गया है।
मेला का एक निर्धारित माप है। डेढ़-डेढ़ किमी तक लंबाई और चौड़ाई में मेला स्थल तैयार किया गया है। गंगा के किनारे पूरब की दिशा में मेला का क्षेत्रफल बढ़ा दिए जाने से पीलीभीत और बरेली जिले के मेलार्थियों को काफी सुविधा हो जाएगी। पूर्व में अधिकारियों की गाड़ियां आफीसर्स कालोनी तक आने-जाने को दोहरी सड़क बनी थी लेकिन अब पीलीभीत और बरेली बस्ती की ओर भी दोहरी सड़क बनाई गई है। ताकि मेला में दोनो ओर से आवागमन में जाम की स्थिति न बन सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो सके बुक
बदायूं। सांस्कृतिक पांडाल के लिए मनोरंजन की दृष्टि से अभी तक आयोजन भी बुक नहीं हो सके हैं। टीए मनोज कुमार ने बताया कि युवा क्लब के कार्यक्रम कराए जाएंगे। वहीं बाकी अभी तक पहले की भांति लोक संस्कृति के कार्यक्रमों के लिए किसी थियेटर, नाट्य कला मंच की भी बुकिंग नहीं हुई है। सर्कस भी नहीं हुआ है। केवल मौत का कुंआ, झूला, चांद-तारा ड्रेगन ही अभी तक बुक हुए हैं।