इस्लामनगर (बदायूं)। करीब पांच दिन पहले हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलसे संविदा के लाइनमैन की मंगलवार रात दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके परिवार वालों ने गुरुवार को शव लाकर बहजोई रोड पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि शटडाउन के दौरान किसी ने सप्लाई चालू कर दी थी। इसकी सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बमुश्किल समझा बुझाकर उन्हें शांत किया।
थाना क्षेत्र के ग्राम नोना निवासी उदयपाल (35) पुत्र परमेश्वरी संविदा पर लाइनमैन था। वह दो नवंबर को अपने गांव के पास विद्युत उपकेंद्र से शटडाउन लेकर पोल पर चढ़कर लाइन ठीक कर रहा था। उसी दौरान उपकेंद्र में किसी ने सप्लाई चालू कर दी थी। जिससे उदयपाल हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था। परिवार वाले उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे हालत देखकर दिल्ली रेफर कर दिया गया। मंगलवार देर रात उदयपाल की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार वाले बुधवार देर रात तक उसका शव लेकर घर लौटे थे। गुरुवार सुबह उन्होंने बहजोई रोड पर विद्युत उपकेंद्र के पास सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों ओर काफी वाहन एकत्र हो गए। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। तब कहीं इंस्पेक्टर जसवीर सिंह उन्हें समझाबुझाकर जाम खुलवा सके। इसकी सूचना पर एसडीएम बिल्सी संजय सिंह, सीओ बिल्सी संजय कुमार रेड्डी, तहसीलदार अशोक सैनी, लेखपाल योगेश शर्मा भी पहुंच गए। बाद में पॉवर कारपोरेशन के अधिकारी भी आ गए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। उसके बाद परिवार वाले शव को ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। उदयपाल के तीन बेटियां और दो बेटे हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। लाइनमैन की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
-शटडाउन लेने के दौरान सप्लाई छोड़ने का ये मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र के चार संविदा लाइनमैन अपनी जान गवां चुके हैं। उनके परिवार वालों ने हंगामा भी किया था और विद्युत उपकेंद्र के कर्मचरियों पर आरोप भी लगे थे। इसके बावजूद विभागीय कर्मचारियों में सुधार नहीं आया। किसी एक कर्मचारी की लापरवाही से उदयपाल की जान चली गई। अगर सप्लाई छोड़ने से पूर्व लाइनमैन से पूछ लिया होता तो शायद ये हादसा नहीं होता।