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न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिपिक ने किया सुसाइड

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सहसवान (बदायूं)। नगर के जहांगीराबाद मोहल्ले में किराये पर रहे न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिपिक ने अपने कमरे में फंदे पर लटककर जान दे दी। पुलिस को उनका सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने खुद को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है। साथ ही 60 हजार रुपये के कर्ज का जिक्र किया है। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सहसवान में लिपिक पद पर तैनात सोनू यादव (26) मूल रूप से बिहार प्रांत के जिला कटरा के गांव महिगांव निवासी थे। वह पिछले तीन माह से जहांगीराबाद मोहल्ले में अधिवक्ता राजीव कुमार सक्सेना के मकान में किराये पर रहे थे। वह चार दिन पहले ही अपनी पत्नी प्रीती और बच्चे को ससुराल में बिहार छोड़कर वापस आए थे। वह होली के मौके पर घर गए हुए थे। बताते हैं कि सोनू यादव सोमवार को कार्यालय नहीं पहुंचे थे। इस पर रात करीब आठ बजे कार्यालय का चतुर्थश्रेणी कर्मचारी उन्हें देखने के लिए आवास पर पहुंचा। कर्मचारी ने पहले कमरे के दरवाजे पर खड़े होकर आवाज लगाई। जब अंदर से आवाज नहीं आई तो उसने खिड़की से झांककर देखा। उसने सोनू यादव का शव फंदे पर लटका देखा तो उसके होश उड़ गए। उसकी सूचना पर मकान मालिक और पुलिस पहुंच गई। कर्मचारी शानू ने न्यायालय के अधिकारियों को जानकारी दी।
इसकी सूचना पर इंस्पेक्टर पंकज लवानिया पहुंच गए। उन्होंने लोगों की मदद से उनके शव को नीचे उतरवाया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट, इंजेक्शन और कुछ अन्य सामान मिला है। उसे सील कर लिया गया है। पुलिस ने लिपिक सोनू यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने सुसाइड नोट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। लिखा है कि वह जिंदगी से ऊब गए हैं। उन पर 60 हजार रुपये का कर्ज है। जो पिता की भूमि बेचकर अदा कर देना। उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति और बच्चे सबसे प्रिय बताया है। इंस्पेक्टर पंकज लवानिया ने बताया कि सोनू यादव का शव कमरे का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया है। उन्होंने आत्महत्या की है। एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
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