जनवरी से अब तक वेतन का भुगतान नहीं किए जाने, भविष्य निधि का 220 करोड़ रुपया जमा न किए जाने और अन्य देयकों के भुगतान रुके होने पर कर्मचारियों ने किसान चीनी मिल ट्रेड यूनियन मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया। प्रशासनिक कार्यालय का घेराव किया। इससे पूर्व जुलूस निकाल कर मिल प्रबंधन और प्रशासन के रवैये के खिलाफ नारेबाजी की।
घेराव के समय उप्र प्रगतिशील शुगर मिल फेडरेशन लखनऊ के प्रदेश महासचिव मो. असरार अहमद ने कहा कि कर्मचारियों को धैर्य पूरी तरह से टूट गया है। करो या मरो की स्थिति पैदा हो गई है। भविष्य निधि का 20 करोड़ रुपये मिल प्रबंधन ने जमा नहीं किए। सांसद को भी समस्या से कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान अबतक नहीं हुआ। कर्मचारियों की स्थिति बेहद खराब है। उनके परिवार आर्थिक संकट झेल रहे हैं। सहकारी चीनी मिल संघ के अधिकारी भी संवेदनशून्य हो गए हैं। यही हाल रहे तो अगले पेराई सत्र में मिल का चल पाना संभव नहीं होगा। कर्मचारियों ने 19 जून को चीनी मिल गेट पर एक दिवसीय उपवास करेंगे।
विरोध प्रदर्शन में रवींद्र पाल शर्मा, राजेंद्र सिंह राठौर, मो. इस्लाम खां, कौशर अली, नरेंद्र पाल दुआ, राम प्रसाद कुरील, मनोरंजन लाल गुप्ता, रवींद्र कुमार सिंह, आरिफ हुसैन, सुरेश चंद्र तिवारी, राजीव पाठक आदि मौजूद रहे।
धरनास्थल पर मिल कर्मी बेहोश, अस्पताल में भर्ती
बदायूं। सहकारी चीनी मिल मजदूर सभा के कर्मचारियों ने रिटेनिंग और वेतन, सेवा निवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी एवं फंड आदि की मांग को लेकर मालवीय आवास पर धरना 69वें दिन भी जारी रहा। धरना पर बैठे मैनुफैक्चरिंग कर्मचारी लक्ष्मन अचेत हो गए। तबियत बिगड़ने की सूचना पर पहुंचे चिकित्सकों ने जांच की तो गंभीर हालत देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मजदूर सभा के मंत्री डॉ. मुन्नालाल ने कहा कि कर्मचारी विषम आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं, उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लंबें धरना के कारण कर्मचारी बीमार और मरणासन्न हो रहे हैं। शासन और प्रशासन को शायद कर्मचारियों की मौत का इंतजार है। कर्मचारी अपने हक के लिए संघर्षरत रहेंगे।
धरना प्रदर्शन में शिव प्रसाद सिंह, चैतन्यवीर शर्मा, दिनेश चंद्र शर्मा, प्रेमपाल ङ्क्षसह पटेल, रघुवीर, रवींद्र पाल सिंह, अलीजान, छोटेलाल, बृजबिहारी लाल, विजेंद्र पाल सिंह, श्यामपाल, श्यामबाबू आदि मौजूद थे।