उनके परिवार के प्रताप बहादुर सिंह, तिलक सिंह ने शहीद की प्रतिमा पर फूल माला पहनाकर श्रद्धाजंलि अर्पित की। उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिवाकर शर्मा ने हरिओम सिंह के बारे में बच्चों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरिओम सिंह का जन्म 20 अगस्त 1968 को इसी गांव मेें हुआ था। दिसबंर 1986 में उन्होंने देश सेवा का संकल्प लिया और सेना में भर्ती हो गए। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हुए। इस मौके पर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डा. राजीव वार्ष्णेय, जेवा ने दवा का वितरण कराया। टीम ने बुखार, जुकाम, खांसी और पेट की बीमारी से बचने के उपाय बताए।
उनके समाधि स्थल पर दो दिन दिवसीय मेला भी लगाया गया। मेले में क्षेत्र के लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान कुछ लोगों ने मेले में कृषि विभाग व अन्य विभागों के सहयोग न करने की कमी महसूस की। इस अवसर पर महेश चौहान, हेम सिंह, जितेंद्र सिंह, नेमपाल सिंह, रामौतार सिंह, ब्रजेश सिंह मौजूद रहे।