उझानी (बदायूं)। कस्बे से सटे नरऊ गांव में तालाब की वजह से दूषित पानी पीते रहने से चार लोगों की मौत के बाद भी अफसर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। शनिवार को तो भाजपा विधायक धर्मेंद्र शाक्य भी मौके पर पहुंचे थे लेकिन रविवार को डॉक्टरों ने भी मरीजों की सुध लेने की जरूरत नहीं समझी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने आपस में राय शुमारी कर रविवार को आंदोलन करने का निर्णय ले लिया। इसके तहत ग्रामीण एकजुट होकर सोमवार से बेमियादी धरने पर बैठेंगे।
ग्रामीणों ने सोमवार से धरना देने के फैसले की जानकारी रविवार दोपहर में अफसरों के जरिए डीएम को भेज दी। डीएम के नाम भेजे ग्रामीणों के सामूहिक हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है कि उझानी के नालों का गंदा पानी नरऊ के तालाब में पहुंचने के बाद हैंडपंपों का पानी भी दूषित आने लग गया। उसे पीते रहने से मरीजों की संख्या पांच दर्जन को भी पार कर गई। मरीजों में महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण चंद्रपाल और मुकेश का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के इलाज के नाम पर औपचारिकता कर रहा है। हेपेटाइटिस बी समेत पीलिया के मरीजों का सरकारी अस्पताल में इलाज करने की बजाय उन्हें मरने को छोड़ दिया गया है। प्रधान शकुंतला देवी के बेटे संजू ने बताया कि सोमवार को ग्रामीण इकट्ठे होकर प्राथमिक विद्यालय में धरना देने का बैठ जाएंगे। मरीजों का समुचित इलाज और तालाब से जुड़ी समस्या का समाधान होने तक आंदोलन चलेगा।