फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंतजामिया कमेटी के वकील ने मांगी प्रपत्रों की नकल, सुनवाई अब चार को

सार

जामा मस्जिद मामले में बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन विजय कुमार गुप्ता की अदालत में सुनवाई हुई।कोर्ट में अब इस बात पर बहस होगी कि मुकदमा चलेगा या नहीं।ऐसे तमाम सुबूत पेश करते हुए उन्होंने न्यायालय में ‘पांच ग’ प्रार्थना पत्र पेश किया है, जिसमें उन्होंने यहां पूजा करने की अनुमति मांगी है।
विज्ञापन
न्यायालय जाते इंतजामिया कमेटी के वकील। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं। जामा मस्जिद मामले में बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन विजय कुमार गुप्ता की अदालत में सुनवाई हुई। इंतजामिया कमेटी के वकील असरार अहमद सिद्दीकी ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर हिंदू महासभा की ओर से दायर वादपत्र की नकल देने की मांग की। दोपहर बाद हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू व अन्य ने प्रतिवादियों को समन तामील कराए जाने की बात रखी। कोर्ट में अब इस बात पर बहस होगी कि मुकदमा चलेगा या नहीं। इसके लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख तय की है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे इंतजामिया कमेटी की ओर से वकील असरार अहमद सिद्दीकी और मोहम्मद जमील अहमद अदालत में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले नकल की मांग करते हुए न्यायालय में एक प्रार्थनापत्र पेश किया। वकील असरार अहमद के मुताबिक उन्होंने अदालत से कहा कि हिंदू महासभा की ओर से दाखिल किए गए प्रपत्रों की अब तक उनको नकल उपलब्ध नहीं कराई गई है। नियम के अनुसार उन्हें प्रपत्रों की कॉपी दिलाई जाए। यह प्रार्थनापत्र देकर इंतजामिया कमेटी के वकील न्यायालय से बाहर निकल आए।
इसके बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश सिंह पटेल तमाम समर्थकों के साथ न्यायालय पहुंचे। बताते हैं कि न्यायाधीश ने हिंदू महासभा को भोजनावकाश के बाद का समय दिया। भोजनावकाश के बाद हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू, ब्रजपाल सिंह, विवेक रैंडर और अर्पित श्रीवास्तव समेत अन्य लोग न्यायालय पहुंचे। वकील वेदप्रकाश साहू के मुताबिक उन्होंने न्यायालय को बताया कि इस मामले में न्यायालय की ओर से प्रतिवादियों को समन भेजे जा चुके हैं लेकिन जो समन तामील करने के लिए भेजे गए थे, वे अब तक लौटकर नहीं आए हैं। उन्हें दोबारा समन भेजे जाएं या फिर इस संबंध में गजट कराया जाए। इसके लिए न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख लगा दी है। इसके बाद ही तय होगा कि यह मुकदमा आगे चलेगा या नहीं।
विज्ञापन

--
मुकदमा चलने योग्य है या नहीं...और बढ़ा इंतजार
बदायूं। जामा मस्जिद के मुकदमे में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली तारीख चार अक्तूबर लगा दी। कहा जा रहा है कि इस तारीख को दोनों पक्षों की ओर से बहस होगी कि यह मुकदमा चलने योग्य है अथवा नहीं। जहां इंतजामिया कमेटी के वकील 1991 एक्ट और अन्य सुबूतों के आधार पर मुकदमा खारिज कराने की मांग करेंगे तो वहीं हिंदू महासभा की ओर से और साक्ष्य पेश किए जा सकते हैं।
सिविल जज सीनियर डिवीजन न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता की अदालत में 22 अगस्त को जामा मस्जिद का मुकदमा दायर कराया गया था। इसकी अगली तारीख 26 अगस्त को इंतजामिया कमेटी की ओर से एतराज दाखिल किया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दो सितंबर को प्रकीर्णवाद को मूलवाद में दर्ज कर लिया था। तब से यह मामला और ज्यादा सुर्खियों आ गया। तब से एक ओर से इंतजामिया कमेटी अपनी तैयारियों में लगी है तो वहीं दूसरी ओर हिंदू महासभा तमाम सुबूत तलाशने में जुटी है।
बृहस्पतिवार को इस केस की सुनवाई हुई। माना जा रहा था कि 15 सितंबर को दोनों ही पक्षों के बीच बहस होगी लेकिन इंतजामिया कमेटी ने सुबह ही प्रपत्रों की नकल की मांग करते हुए न्यायालय में अर्जी दे दी। इस पर शाम को चार अक्तूबर तारीख लगा दी गई। बहरहाल मामले में बहस नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि चार अक्तूबर को अब दोनों पक्षों के बीच इस बात पर बहस होगी कि यह मुकदमा चलने योग्य है या नहीं। दोनों ही पक्ष अपने-अपने सुबूत दाखिल करेंगे। इस दौरान किसका पक्ष ज्यादा मजबूत रहेगा, यह न्यायालय तय करेगा। फिलहाल दोनों ही पक्ष इसकी तैयारियों में लग गए हैं।
-
न्यायालय का आदेश : इंतजामिया कमेटी को उपलब्ध कराएं नकल
बृहस्पतिवार को इंतजामिया कमेटी की ओर से नकल उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया गया था। इस पर न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि कमेटी को हिंदू महासभा की ओर से दाखिल किए गए प्रपत्रों की नकल मुहैया कराई जाए।
-
छह पक्षकारों को भेजे गए थे समन, नहीं आया जवाब
हिंदू महासभा की ओर से मुकदमा दायर कराये जाने के दौरान छह पक्षकारों को विगत 11 अप्रैल को नोटिस भेजे गए थे। इनमें मुख्य पक्षकार इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद शम्सी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, यूनियन ऑफ इंडिया, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कलेक्टर बदायूं और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को पक्षकार बनाया गया है। 22 अगस्त को मुकदमा दायर कराने के बाद सभी पक्षकारों को नोटिस भेजे गए थे। इंतजामिया कमेटी के वकील 26 अगस्त को न्यायालय में पेश हो गए थे। उन्हें छोड़कर अन्य किसी पक्षकार का समन वापस नहीं आया है।
--
पूजा करने और सर्वे कराने की मांगी अनुमति, न्यायालय में दिया प्रार्थना पत्र
बदायूं। हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू ने न्यायालय को प्रार्थना पत्र देकर हिंदू धर्म के लोगों को पूजा करने की अनुमति देने और मस्जिद का सर्वे कराने की मांग की है। हालांकि इन प्रार्थना पत्रों पर अभी सुनवाई नहीं हुई है। अगली तारीख पर इस संबंध में भी सुनवाई हो सकती है।
वेदप्रकाश साहू ने बताया कि उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं कि यह मस्जिद नीलकंठ महादेव का मंदिर तोड़कर बनी थी। नीलकंठ महादेव का मंदिर राजा महीपाल के किले में मौजूद था। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने का एक कागज भी मिला है। ऐसे तमाम सुबूत पेश करते हुए उन्होंने न्यायालय में ‘पांच ग’ प्रार्थना पत्र पेश किया है, जिसमें उन्होंने यहां पूजा करने की अनुमति मांगी है। इसके अलावा उन्होंने ‘सात ग’ प्रार्थना पत्र सर्वे कराने को दिया है।
-
दावा : जामा मस्जिद में कब्रें नहीं, बनी हैं चार समाधियां
हिंदू महासभा का दावा है कि मस्जिद परिसर में चार कब्रें नहीं बल्कि चार समाधियां बनी हैं। दावा है कि यहां राजा का महल था। राजा के परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होती तो उसकी समाधि वहीं आसपास बनवा दी जाती थी। उन्होंने यह भी बताया कि जो नागा साधु नीलकंठ मंदिर से शिवलिंग को बचाकर लाए थे, उनकी समाधि दरीबा मंदिर के नजदीक है।
-
घटनाक्रम
11 अप्रैल 2022- हिंदू महासभा ने भेजे नोटिस
22 अगस्त 2022 - मुकदमा दायर कराया
26 अगस्त 2022 - इंतजामिया कमेटी ने एतराज दाखिल किया
दो सितंबर 2022 - मूलवाद दर्ज हुआ
15 सितंबर - इंतजामिया कमेटी ने मांगी नकल
-
इस मुकदमे में हम पक्षकार बन गए हैं। हमें समन भेजने या तामील करने की आवश्यकता नहीं है। बृहस्पतिवार को हमने न्यायालय में प्रपत्रों की नकल देने की मांग की है। वादी पक्ष की ओर से नकल मिले। हम उसका अध्ययन करेंगे। फिर अगली सुनवाई पर बहस करेंगे कि यह मामला चलने योग्य है ही नहीं। हम कुछ साक्ष्यों और 1991 एक्ट के तहत अपनी बात रखेंगे। बाद में हम अपने साक्ष्यों को पेश करेंगे।
- असरार अहमद सिद्दीकी, वकील इंतजामिया कमेटी
-
जब-जब इस केस की सुनवाई हुई है, तब-तब बरसात हुई है। ऐसे में हम यह मान रहे हैं कि हम पर भोले बाबा की पूरी कृपा है। हमें लोगों का पूरा साथ मिल रहा है। तमाम साक्ष्य भी हमें प्राप्त हो रहे हैं। हमारे पास गजेटियर है, नक्शा, इंतखाब के अलावा तमाम सुबूत हैं। हम और भी सुबूत पेश करेंगे, जिनके बारे में अब तक जिक्र नहीं किया गया है। इससे हमारा पक्ष और मजबूत होगा।
- विवेक रैंडर, वकील, अखिल भारत हिंदू महासभा
-
दरीबा मंदिर में महादेव का अभिषेक करने पहुंचे शिवभक्त
बदायूं। जामा मस्जिद को नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा करने वाली अर्जी पर सुनवाई के दिन बृहस्पतिवार को दरीबा मंदिर में दिन भर शिव भक्तों का आना-जाना लगा रहा। दरअसल, जामा मस्जिद को नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा करने वाली अर्जी में यह भी दावा किया गया है कि मंदिर का शिवलिंग मोहल्ला पटियाली सराय स्थित दरीबा मंदिर में स्थापित है। हिंदू क्रांति दल के जिलाध्यक्ष शुभम अग्रवाल, युवा जिलाध्यक्ष अंकित साहू समेत राहुल, कामेश, तिनतिन, अभिषेक आदि मंदिर पहुंचे। संवाद
-
जामा मस्जिद के बाहर रहे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पुलिस, पीएसी तैनात
बदायूं। जामा मस्जिद मामले को लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी सतर्क रहे। बृहस्पतिवार को जामा मस्जिद के बाहर पुलिस और पीएसी तैनात रही। अधिकारी भी पल-पल पर शांति व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते रहे।
दो सितंबर को जामा मस्जिद का मामला प्रर्कीणवाद से मूलवाद में दर्ज हुआ था। तब से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सचेत हो गए हैं। उस दिन जामा मस्जिद के बाहर पुलिस व पीएसी को लगाया गया था। हालांकि उसके दूसरे दिन पुलिस बल हटा लिया गया था लेकिन इसके बावजूद अधिकारी सतर्क रहे। बृहस्पतिवार को मस्जिद के मामले की सुनवाई से पहले ही मस्जिद के आसपास पूरा सुरक्षा घेरा बना लिया गया। मस्जिद के बाहर पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। शाम तक मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
-
कार्यवाही के बारे में जानकारी पाने को उत्सुक दिखे लोग
जामा मस्जिद मामले को कोर्ट में चल रही कार्यवाही के बारे में जानकारी पाने को लोग उत्सुक दिखे। बृहस्पतिवार को सिविल बार की हड़ताल थी। इसके बावजूद तमाम लोग न्यायालय पहुंचे। वे एक-दूसरे से पूछते रहे कि क्या हुआ। संवाद

न्यायालय जाते हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल और उनके समर्थक। संवाद- फोटो : BADAUN

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें