बदायूं। शहर की जामा मस्जिद पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के दावे के बाद शनिवार को पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई। धर्मस्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस व पीएसी को तैनात कर दिया गया है। हिंदू महासभा ने शुक्रवार को कोतवाली क्षेत्र की जामा मस्जिद के महादेव मंदिर होने का दावा करते हुए दीवानी न्यायालय में परिवाद दायर किया था। मामले में 15 सितंबर को दूसरा पक्ष अपनी बात रखेगा।
हिंदू महासभा का दावा है कि यह धर्मस्थल राजा महिपाल सिंह के किले में मौजूद था लेकिन यहां आकर किले पर कब्जा कर लिया और धर्मस्थल का स्वरूप बदल दिया। कुछ लोग धर्मस्थल से प्रतिमाएं निकालने में कामयाब हो गए थे। तब उन्हें पटियाली सराय के धर्मस्थल में रखवा दिया गया था। इसके बावजूद जिस धर्मस्थल पर कब्जा किया गया था, उसके साक्ष्य आज भी मौजूद हैं।
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उच्चाधिकारियों ने मांगी सुरक्षा से संबंधित रिपोर्ट
धार्मिक स्थल के मामले को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। जिले में शांति व्यवस्था कायम है। इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों ने सुरक्षा से संबंधित रिपोर्ट मांगी है कि मामले में अगली सुनवाई कब है और पुलिस की क्या व्यवस्थाएं हैं।
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जिले में शांति व्यवस्था कायम है। फिर भी सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और पीएसी को लगाया गया है। पुलिस से कहा गया है कि वह सतर्क रहे।
- अमित किशोर श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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अवशेषों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने की मांग
महासभा की ओर से मुकेश पटेल के अलावा वकील अरविंद पाल सिंह परमार, ज्ञानेंद्र प्रकाश, डॉ. अनुराग शर्मा और उमेश चंद शर्मा भी वादी हैं। जबकि इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वफ्फ बोर्ड यूनियन ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग, बदायूं डीएम और मुख्य सचिव प्रदेश सरकार को पक्षकार बनाया गया है। महासभा की ओर से मांग की गई है कि धर्मस्थल को पुराने स्वरूप में लौटाकर उनको सौंपा दिया जाए। धार्मिक स्थल का निरीक्षण कराकर उसके अवशेषों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने की मांग की गई है। संवाद