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ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन

Wed, 21 Oct 2015 08:28 PM IST
अमर उजाला, बदायूं
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कोतवाली क्षेत्र के गांव अहीरवारा निवासी बाइक सवार जुगेंद्र सिंह यादव की मंगलवार रात करीब नौ बजे उस वक्त गोली मार कर हत्या कर दी गई थी जब वह बाजार से घर लौट रहे थे। मृतक के बेटे योगेश ने आढ़त की रंजिश बताते हुए नगर के मोहल्ला साहूकारा निवासी कमल गुप्ता पुत्र वीरेंद्र गुप्ता, पिंकी गुप्ता पुत्र भगवान दास और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम के बाद जुगेंद्र का शव बुधवार तड़के अहीरवारा पहुंचा। घरवालों के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अंतिम संस्कार करने के लिए शव लेकर कछला को निकले, तभी मंडी समिति के सामने उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हाइवे पर खड़ी कर दीं। जाम लगाकर उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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जाम की सूचना के बाद कोतवाल देवराज राठी मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की तो कई लोग भड़क गए। उनका आरोप था कि पुलिस नामजदों को गिरफ्तार करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। माहौल खराब होता देख आसपास के थानों से भी फोर्स बुला लिया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। नामजदों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हटे। भीड़ के गुस्से के मद्देनजर आरोपियों के घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। एसडीएम प्रदीप कुमार और सीओ वंशराज यादव ने कोतवाली में मौजूद रहकर हालात पर नजर रखी।

जुगेंद्र था बूढ़े बाबूराम का इकलौता खेवनहार
उझानी। आढ़ती जुगेंद्र यादव की हत्या के बाद से उसके परिवार का प्रत्येक सदस्य बदहवास है। अहीरवारा निवासी 75 वर्षीय बाबूराम यादव के इकलौते बेटे जुगेंद्र की इलाके में अपनी पहचान थी। अपनी पांच संतान और पत्नी समेत बूढ़े बाप का वही इकलौता खेवनहार था। जुगेंद्र का शव घर पर पहुंचा तो बीवी-बच्चों समेत परिवार का हरेक सदस्य बिलख पड़ा। पिता बाबूराम का रो-रोकर बुरा हाल है। जुगेंद्र के शव का बेटे योगेश ने मुखाग्नि दी तो बाबूराम गश खाकर गिर पड़ा।
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चर्चा में आया सट्टे का कारोबार
उझानी। अहीरवारा निवासी आढ़ती जुगेंद्र की हत्या की वजह भले ही आढ़त पर रुपये की लेनदेन के विवाद का हिस्सा रही लेकिन लोगों की जुबां पर सट्टे को लेकर तमाम तरह की बातें आईं। कुछेक का तो यहां तक कहना था कि दोनों पक्ष में टकराव की शुरूआत ही सट्टे का धंधा रहा। मृतक के घरवाले तो पहले ही कह चुके हैं कि जुगेंद्र का सट्टे से कोई लेनादेना नहीं था। वह तो व्यापार कर रहा था। पुलिस ने भी घटना के पीछे सट्टा होने से इंकार कर दिया है।
वर्जन
जुगेंद्र की हत्या में दोनों नामजदों की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है। उनके पते और ठिकानों पर भी फोर्स भेजा गया है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर दोनों अज्ञात हमलावरों के नामों का भी पता लगा लिया जाएगा।- देवराज राठी, प्रभारी निरीक्षक।
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