दातागंज। तहसील क्षेत्र के 244 गांवों में से मात्र तीन ग्राम पंचायतों में ही जल जीवन मिशन का पानी पहुंच सका है। बाकी ग्राम पंचायतों में काम शुरू नहीं हुआ है। कुछ गांवों में काम शुरू किया तो सड़कें खोदकर छोड़ दी। ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया है। जिन गांवों में सड़कें खोदकर छोड़े हैं, वहां पर बरसात में भारी मुसीबत ग्रामीणों को झेलनी पड़ेगी। गांव वालों को कहना है कि जल जीवन मिशन के काम लापरवाही की जा रही है।
रुकु़मपुर में ओवरहेड टैंक के पिलर हो गए तिरछे
गांव रुकुमपुर निवासी गुड्डू सिंह का कहना है कि ओवरहेड टैंक बनने के बाद कोई काम आगे नहीं बढ़ा है। ओवरहेड टैंक के पिलर पहले ही तिरछे हो गए हैं। जब इसमें पानी भरा जाएगा तो वह धरासायी हो सकता है।
नवलपुर के मजरा दूर-दूर, कैसे पहुंचेगा पानी
गांव नवल पुर की प्रधान आरती पांडेय ने बताया कि उनके गांव का मजरा बमियाना और महमूदपुर है। इनके बीच एक से डेढ़ किमी की दूरी है। इनमें पाइप तक नहीं पड़े हैं। काम की गति बेहद सुस्त है। बहुत धीरे काम हो रहा है। पूरी गर्मी निकल गई और काम जहां से शुरू हुआ है वहीं पर लटका है।
ओवरहेड टैंक नहीं बना, गलियां खोद डालीं
गांव कांसपुर के प्रधान भूरे यादव का कहना है कि ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया है। पाइप भी नहीं है, लेकिन जल जीवन मिशन अपना काम दिखाने को पहले से ही गलियां तोड़ रहा है। गलियां टूटी पड़ी होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी है। खेतों में कृषि यंत्र ले जाने को वाहन भी नहीं निकल पा रहे हैं।
ओवरहैड टैंक बनने के साथ ही गलियों में किए गड्ढे
कमां क्षेत्र की सबसे बड़ी 14 हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत है। यहां के प्रधान चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके गांव के धीरावारी, धर्मपुर, धिमरपुरा, सिताबनगर, दमकोदय व अकबरपुर मजरा हैं। ओवरहेड टैंक तो बन रहा है, लेकिन काम पूरा होने से पहले की गलियां में खुदाई कर गड्ढे कर दिए हैं।
आरक्षित क्षेत्र में बना दिया गया ओवरहेड टैंक
गांव सीर जयलाल के प्रधान अपार प्रताप सिंह का कहना है कि उनके गांव की आरक्षित भूमि पर ओवरहेड टैंक बना दिया गया है। जो विवादों में है। आरक्षित जगह में किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जाना चाहिए था। जल जीवन मिशन का काम बेहद लापरवाही और शिथिलता से भरा हुआ है। इससे तमाम समस्याएं पैदा हो रही हैं।
मौसमपुर का मजरा रामगंगा पार कैसे पहुंचेगा पानी
क्षेत्र की गांम मौसमपुर जरतोली के प्रधान अवनेश कश्यप का कहना है कि ग्राम पंचायत में सखतपुर, जरतोली और सिमरिया तेंदू मजरा हैं। इनमें सिमरिया तेंदू रामगंगा के पार का मजरा है। जल जीवन मिशन को इस मजरा में पाइप लाइन डालना मुश्किल होगा। रामगंगा के नीचे से पाइप ले जाना मुश्किल भरा काम होगा।
जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर तमाम-तरह की शिकायतें आ रही हैं। डोर-टू-डोर जांच कराई जाएगी। काम में शिथिलता या कमियां मिलती हैं, उनकी रिपोर्ट ऊपर भेजी जाएगी।
-धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज।
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- जल जीवन मिशन का काम पीएनसी संस्था करा रही है। 2025 तक काम पूरा होना है। समय सीमा में काम पूरा होना मुश्किल है। समय और बढ़ाया जाएगा। फिर भी काम की गति बढ़ाई गई है।
-प्रतोष कुमार, जेई, जल जीवन मिशन
रुकुमपुर में निर्माणाधीनओवर हेड टैंक। संवाद
रुकुमपुर में निर्माणाधीनओवर हेड टैंक। संवाद
रुकुमपुर में निर्माणाधीनओवर हेड टैंक। संवाद