पदमांचल मंदिर में मंगल जलाभिषेक करते जैन समाज के लोग। संवाद
बिल्सी। बिसौली रोड स्थित श्री पद्म प्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पद्मांचल जैन मंदिर में जलाभिषेक किया गया। इसके बाद विधि विधान से प्रभु की प्रतिमा के समक्ष अक्षत समर्पित किए गए। लोगों ने जिनेन्द्र भगवान की पूजा की।
श्री दिगंबर जैन महा समिति के मंडलाध्यक्ष प्रशांत जैन ने बताया कि तीर्थंकरों ने स्वयं पर विजय प्राप्त की है। क्रोध, अभिमान, छल और इच्छाओं जैसी भावनाओं पर उन्होंने पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया है। तीर्थंकर दूसरों को मोक्ष के मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन देते हैं। उनके उपदेशों में कोई विरोधाभास नहीं है। तीर्थंकरों ने सत्य, अस्तेय (चोरी न करना) और अपरिग्रह (संग्रह न करना) जैसे नैतिक गुणों का पालन किया और दूसरों को भी इनका पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। जैन धर्म का अंतिम लक्ष्य मोक्ष प्राप्त करना है। इस मौके पर दिव्या जैन, ज्योति जैन, प्रियांश जैन, तरुण जैन आदि मौजूद रहे। संवाद