मक्का की फसल तैयार है। गीली मक्का सुखाकर ही बाजार में बेची जा सकती है। इस स्थिति में गरीब किसान तो अपने घरों और दालानों पर मक्का सुखा रहे हैं लेकिन दबंग किस्म के लोग मार्गों पर मक्का सुखा रहे हैं। ऐसे ही बिल्सी से उझानी को बने मार्ग पर जगह-जगह दबंग लोग मक्का सड़कों पर सुखा रहे हैं। अधिकारियों की गाड़ियां भी इन मार्गों से गुजर ही हैं लेकिन उनको भी नहीं लगता कि किस तरह से सड़कों पर अतिक्रमण कर मक्का सुखाई जा रही है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
सुखाने के लिए रोड पर फैला देते हैं मेंथा का कचरा
दहगवां। ईंधन की बचत के लिए मेंथा फैक्ट्री से निकले कचरे को टंकी स्वामी रोड पर ही फैला देते हैं। रोड पर कचरा से बाइक फिसलने की तमाम घटनाएं हो रही हैं। कभी बड़े वाहन के फिसलने पर बड़ा हादसा भी हो सकता है।
मेंथा फैक्ट्री स्वामियों की दबंगई कहें या फिर अच्छी पहुंच जिसके बलबूते पर वे फैक्ट्री से निकला कचरा सुखाने के लिए रोड पर ही डाल देते हैं, इनके पास पर्याप्त जगह होने के बावजूद भी यह मलबे को रोड पर डालने से नहीं चूकते। प्रशासन के नुमाइंदे भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते और ना ही थाना पुलिस ने कभी ध्यान दिया। जिससे मेंथा फैक्ट्री स्वामियों से मलबे को रोड पर डालने से रोका जाए किसी भी ग्रामीण ने आजतक इसका विरोध इसलिए नहीं किया कि बेवजह कौन विवाद मोल ले।