डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। साधना की बहन विपर्णा गौड़ ने बरेली क्राइम ब्रांच के विवेचक जगदीश अरोरा पर विवेचना में शिथिलता बरतने का आरोप लगाते हुए पुनर्विवेचना की मांग की है। विपर्णा ने इस संबंध में गुरुवार को सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी की कोर्ट में धारा 173 (8) के तहत अर्जी दाखिल की है।
उझानी के मोहल्ला बाजार कलां निवासी डीजीसी साधना शर्मा की 23 मई को इनोवा गाड़ी से टक्कर मार कर हत्या कर दी गई थी। वह अपने नौकर बिहारी के साथ स्कूटी से उझानी लौट रही थीं। विपर्णा ने मामले में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में नामजदगी झूठी पाई गई। पीसी शर्मा समेत गिरीश मिश्रा, राजू उर्फ रियाज, मस्ताना उर्फ अब्दुल नवी, यासीन उर्फ बाबा, इशरत, पिंटू समेत आठ लोगों के नाम प्रकाश में आए। इनमें से छह लोग जेल में हैं। विपर्णा की मांग पर आईजी विजय मीणा ने विवेचना क्राइम ब्रांच बरेली को सौंप दी थी। जेल गए आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
विपर्णा गौड़ का आरोप है कि विवेचक जगदीश अरोड़ा ने विवेचना में लापरवाही दिखाई। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य कोर्ट में दाखिल ही नहीं किए हैं। इसमें पीसी शर्मा से बरामद चार मोबाइल के साथ बाकी अरोपियों की लोकेशन और पीसी शर्मा की मोबाइल पर साधना शर्मा से हुई बात की ऑडियो रिकार्डिंग भी शामिल है। विपर्णा का आरोप है कि पीसी शर्मा और साधना के बीच वारदात से पहले झगड़ा भी हुआ था। विवेचक ने इसके साक्ष्य भी दाखिल नहीं किए। विपर्णा ने मामले में पुनर्विवेचना की मांग की है।