पुलिस टीम लेकर खेत पर पहुंच गई। पुलिस की सूचना के बाद परिजन भी खेत पर पहुंच गए। देखा तो ज्ञान सिंह का शव रोटावेटर से कटकर कई टुकड़ों में बंट गया था। पुलिस ने शव जिला मुख्यालय भेजा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भगवान सिंह व शुभम के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह ने बताया कि मामले में दो लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर ही कार्रवाई करेंगे।
देर शाम छात्र का शव घर पहुंचा तो मच गई चीत्कार
शुक्रवार देर शाम ज्ञान सिंह का शव गांव चेतराम नगला टिकाई खाम पहुंचा तो चीत्कार मच गया। पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश दी है। दोनों फरार बताए जा रहे हैं। मृतक के पिता राजवीर का कहा है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। जिस खेत को मेरा बेटा जोतने गया था, वह कभी हमारा ही था। चकबंदी के दौरान खेत आरोपियों के पास चला गया। उस समय उनके परिवार से चकबंदी विभाग में मुकदमेबाजी हुई थी। तब से वह लोग परिवार से अंदरखाने दुश्मनी मानते आ रहे हैं। इसी के चलते उनके बेटे की हत्या कर दी गई है।
छह बहन भाइयों में पांचवें नंबर का था ज्ञान सिंह
ज्ञान सिंह छह भाई-बहन थे। सबसे बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। बहन से छोटे तीन भाई हैं। पांचवें नंबर का वह था। उससे छोटी एक बहन है। उसकी मौत से भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेती करते हैं पिता राजवीर
मृतक के पिता राजवीर खेती करते हैं। वह संपन्न किसान हैं। बेटे उनकी खेती में पूरा सहयोग करते आ रहे थे। ज्ञान सिंह भी पढ़ाई के साथ-साथ पिता के साथ खेतों में काम करने इसे लेकर ट्रैक्टर भी चलाता था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम है।
देर रात गांव में किया गया अंतिम संस्कार
ज्ञान सिंह का शव देर शाम को घर पहुंचा तो परिजनों में चीत्कार मच गया। परिजनों ने नम आंखों से गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का कहना है कि आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए।
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