पहले कोतवाली परिसर में हाथापाई, फिर एसएसपी कार्यालय परिसर में महिला सिपाही के आत्मदाह करने की कोशिश के बाद शनिवार दोपहर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार, एसएसआई समेत मुंशी को निलंबित कर दिया। उसी दौरान सुबह के समय महिला सिपाही ने पुलिस कार्यालय जाकर खुद पर केरोसिन उड़ेल लिया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया था। इससे पहले महिला सिपाही की ओर से मुंशी गुलाब सिंह बालियान के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई थी।
उझानी (बदायूं)। पहले कोतवाली परिसर में हाथापाई, फिर एसएसपी कार्यालय परिसर में महिला सिपाही के आत्मदाह करने की कोशिश के बाद शनिवार दोपहर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार, एसएसआई समेत मुंशी को निलंबित कर दिया। इधर, महिला सिपाही पर भी अनुशासनहीनता में कार्रवाई संभव है।
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एसएसपी डॉ. ओपी सिंह शुक्रवार को एविडेंस के सिलसिले में बाहर थे। उसी दौरान सुबह के समय महिला सिपाही ने पुलिस कार्यालय जाकर खुद पर केरोसिन उड़ेल लिया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया था। देर रात बदायूं लौटने पर एसएसपी को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली। इससे पहले महिला सिपाही की ओर से मुंशी गुलाब सिंह बालियान के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई थी।
एफआईआर के प्रथम सूचना तथ्य में इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार और एसएसआई अनूप कुमार सिंह पर जातिवाद को बढ़ावा देने और दूसरी जाति की पुलिसकर्मियों पर अभद्र टिप्पणी करने का जिक्र आया था। इस पर इंस्पेक्टर, एसएसआई और मुंशी को शनिवार दोपहर सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि पुलिस की महिला सिपाही की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है, लेकिन फिलहाल उसे विभागीय स्तर की किसी कार्रवाई से दूर रखा गया है। बावजूद इसके, सूत्र बताते हैं कि पुलिस अफसरों की नजर में महिला सिपाही भी अनुशासनहीनता की दोषी है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
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शुक्रवार को महिला सिपाही का मामला सामने आया था। इस संबंध में एसपी सिटी से जांच कराई गई। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर उझानी इंस्पेक्टर, एसएसआई और मुंशी को निलंबित किया गया है। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी