बदायूं। उप्र विधान मंडल की महिला व बाल विकास संयुक्त समिति (2019-20) की द्वितीय उप समिति सोमवार को जनपद पहुंची। यहां पर उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग, जिला जेल व महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने जिला जेल में खाने पर असंतुष्टि व्यक्त की, वहीं दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल में भी उन्हें कई कमियां मिलीं।
उप्र विधान मंडल की महिला व बाल विकास संयुक्त समिति की सभापति डॉ. सरिता भदौरिया, सदस्य मोहम्मद फईम इरफान, सुष्मिता मौर्य, विमला सिंह सोलंकी के साथ सोमवार को बदायूं पहुंची। इस दौरान समिति ने बीएसए कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, साथ ही बीएसए रामपाल सिंह से स्कूल ड्रेस के कपड़े की खरीदारी, सिलाई व गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया ने समिति को बताया कि डीएम द्वारा विद्यालयों में ड्रेस की गुणवत्ता के संबंध में जांच कराई जा चुकी है। इसके बाद समिति ने जिला जेल का निरीक्षण किया। यहां समिति ने महिला बंदियों से वार्ता की, उनका दोष जाना और भोजन के बारे में पूछा। महिला बंदियों ने बताया कि कोविड की वजह से मुलाकात नहीं हो पा रही है। समिति ने कहा कि महिलाओं को सिलाई आदि की ट्रेनिंग कराई जाए। वहीं उन्होंने खाना बनाने की प्रक्रिया देखी, साथ ही खाने को देखकर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया है। इसके बाद में समिति ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां पर लिफ्ट बंद होने पर समिति ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को इतनी मंजिल चढ़ने में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता होगा। वहीं मरीजों द्वारा ओढ़े जाने वाले गंदे कंबलों को देखकर भी नाराजगी व्यक्त की। महिला सीएमएस रेखारानी से मरीजों को लाने ले जाने वाली एंबुलेंस का एंट्री रजिस्टर देखा, तो उसमें भी अनियमितताएं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की है।