बरेली। शहर के शिक्षाविदों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनपद का मान बढ़ाया है। बरेली कॉलेज के वाणिज्य विभाग के शिक्षक डॉ. विकास शर्मा और विभागाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह की ओर से विकसित एक अभिनव तकनीकी डिवाइस को यूनाइटेड किंगडम के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस से डिजाइन पंजीकरण प्राप्त हुआ है। यह डिवाइस मुख्य रूप से आर्थिक नीतियों और सरकारी निर्णयों के संभावित प्रभावों का सटीक आकलन करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
पॉलिसी इम्पैक्ट एंड इकोनॉमिक रिस्क असेसमेंट डिवाइस नामक यह उपकरण एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर है, जिसे जटिल आर्थिक और नीतिगत डेटा के विश्लेषण के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यह डिवाइस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स की आधुनिक तकनीक का उपयोग कर विभिन्न आर्थिक, सामाजिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने में सक्षम है।
इसकी सहायता से यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि किसी भी नई नीति, नियम या आर्थिक निर्णय का भविष्य में रोजगार, महंगाई, बाजार और उद्योगों पर क्या और कैसा प्रभाव पड़ सकता है। इस डिवाइस की सबसे बड़ी विशेषता इसमें प्रस्तावित नीति-परिदृश्यों के सिमुलेशन की क्षमता है।
इसके माध्यम से अलग-अलग नीतिगत विकल्पों के संभावित परिणामों को ग्राफ, डैशबोर्ड और तुलनात्मक रिपोर्ट के रूप में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वर्तमान में इस डिवाइस का हार्डवेयर कॉन्सेप्ट और डिजाइन तैयार किया गया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है।
डॉ. विकास शर्मा और प्रो. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अगले चरण में इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर और एआई आधारित आर्थिक विश्लेषण प्रणाली विकसित करने पर कार्य किया जाएगा। इसके माध्यम से वास्तविक आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण और आर्थिक जोखिम का सटीक आकलन संभव हो सकेगा। भविष्य में यह डिवाइस सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों और नीति विश्लेषण से जुड़े संगठनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।