भारत भूमि की लक्ष्मी है कन्या: साध्वी सौम्या
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कन्याएं भारत भूमि की लक्ष्मी हैं। कभी ऐसा होता था कि घर में कन्या का जन्म होने पर खुशियां मनाई जाती थीं। आज के परिवेश में कन्याओं को गर्भ में ही दफन करने का चलन शुरू हो गया है। नवरात्रों में कन्याओं को पूजा जाता है। सिर्फ नवरात्र ही नहीं अन्य दिनों में भी हमें कन्याओं को लेकर यही रवैया अपनाने की जरूरत है।
बदायूं क्लब में चल रही सात दिवसीय श्री शिव कथा के तीसरे दिन सोमवार को आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सौम्या भारती ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सती ने अपने आपको यज्ञ में भस्मीभूत कर दिया था। इससे पहले उन्होंने भगवान शिव के चरणों में प्रार्थना की थी कि अगले जन्म में शिव ही उनको पति के रूप में मिलें। अगले जन्म में उन्होंने हिमालय राज के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। उनके जन्म से पूरा हिमालय आनंद में डूब गया। पुत्री के जन्म लेने पर उनके माता-पिता की खुशी की कोई सीमा नहीं थी। वह कन्या जिसे भारत भूमि की लक्ष्मी माना जाता था आज उसको गर्भ में ही दफन करने की प्रथा चालू हो गई है। जो देश नारी का सम्मान नहीं करते वे कभी आगे भी नहीं बढ़ सकते। मनु स्मृति में भी नारी के पूजन की बात कही गई है। जहां नारी की पूजा होता है वहां देवताओं का निवास होता है। कथा के दौरान पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक, अनिल शर्मा, यादवेंद्र पटेल, अर्जुन सिंह पटेल, रजनीश उपाध्याय, गीता राम यादव, राहुल चौबे, दीपक सक्सेना, सौरभ शंखधार आदि रहे।