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एटीएम का नंबर पता कर ठग उड़ा रहे रकम

Sat, 09 Jan 2016 08:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
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लगातार बढ़ी रहीं मोबाइल से ठगी की घटनाएं
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- इस तरह होती है ठगी
बैंक उपभोक्ता के नंबर पर ठगी गिरोह का सदस्य कॉल करता है। उपभोक्ता से कहता है कि उसका एटीएम ब्लॉक कर दिया गया है। अगर उसे एटीएम फिर से चालू कराना है तो बैंक के नाम के साथ एटीएस का 16 नंबर का पिन नंबर और पासवर्ड बताना होगा। तमाम उपभोक्ता झांसे में आकर एटीएम का पिन और पासवर्ड बता देंते हैं। इसके बाद गिरोह के सदस्य इंटरनेट के जरिए रकम को ट्रांसफर कर लेते हैं। जब तक उपभोक्ता को पता चलता है देर हो चुकी होती है।
केस- एक
सिविल लाइंस थाने के गांव मुजाहिदपुर के ओमकार के मोबाइल पर दो महीने पहले एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को भारतीय स्टेट बैंक का एरिया मैनेजर बताते हुए उसका एटीएम ब्लॉक होने की बात कही। उससे पिन और पासवर्ड पूछा। ओमकार ने अपना पिन और पासवर्ड बता दिया। बस फिर क्या था। उसके बैंक खाते से 50 हजार रुपये साफ हो गए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट जरूर दर्ज कर ली है, लेकिन कार्रवाई अब तक शून्य है।
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केस-दो
शहर के मोहल्ला सोथा निवासी कामिल का पुत्र मुजाहिद लखनऊ में रखकर पढ़ाई करता है। वाक्या तीन महीने पहले का है। मुजाहिद के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने मुजाहिद से कहा कि उसका एटीएम ब्लॉक कर दिया गया है। अगर उसे फिर से एटीएम चालू कराना है तो पिन और पासवर्ड बताना होगा। फोन करने वाले के झांसे में आकर मुजाहिद ने पिन और पासवर्ड बता दिया। अगले ही दिन मुजाहिद के खाते से 13 हजार रुपये साफ हो गए।
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जागरूकता जरूरी
इस संबंध में एसएसपी सौमित्र यादव का कहना है कि पुलिस ने जो भी मामले दर्ज किए हैं, उनमें पड़ताल चल रही है। गिरोह को जल्द ट्रेस कर लिया जाएगा। एसएसपी ने कहा कि बैंक उपभोक्ताओं को भी जागरुक होना होगा। उनको समझना होगा कि सभी बैंक खुद ही निर्देशित करते हैं कि किसी को भी अपना पासवर्ड न बताएं। अगर एटीएम ब्लॉक होता है तो सीधे बैंक में संपर्क करना चाहिए। ऐसा करने से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सकता है।
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