बदायूं। आरोग्य मेला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है। रविवार सुबह दस बजे से 12 बजे तक जिले के 43 नवीन स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल कराई गई तो हकीकत सामने आई। उसहैत में वार्ड बॉय और फार्मासिस्ट ही आरोग्य मेले में मरीजों को दवा दे रहे थे। डॉक्टर मौजूद नहीं थे।
जरीफनगर में डॉक्टर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी नदारद थे। एक मात्र लैब टेक्नीशियन ही मौजूद था, जो मरीजों को बिना देखे ही दवा दे रहा था। अलापुर में डॉक्टर तो थे, लेकिन एक्सरे को आए मरीजों को लौटाया जा रहा था। बगरैन में डॉक्टर की तैनाती नहीं है। सैदपुर सीएचसी से डॉ. अशरफ अली को मेले में भेजकर मरीजों को दवा दिलाई जा रही थी। बाकी के दिनों में फार्मासिस्ट के हवाले ही रहता है। उघैती स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और कर्मी तो आए, लेकिन बिजली व्यवस्था न होने से मरीज और स्वास्थ्य कर्मी पसीना बहाते दिखे।
फोटो-01 बिजली व्यवस्था नहीं, पसीना बहाते रहे मरीज और डॉक्टर
उघैती। सुबह 10:10 बजे डॉक्टर समेत अन्य कर्मी पहुंचे। 11 बजे तक दस से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे। उमस भरी गर्मी में डॉक्टर और मरीज पसीना बहा रहे थे। पूछने पर बताया कि अस्पताल में बिजली की व्यवस्था नहीं है। इसको कई बार अधिकारियों को लिखकर भी दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। बिजली व्यवस्था न होने से मरीजों की जांच प्रभावित हैं। जांच के लिए 25 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। संवाद
डॉक्टर की कुर्सी खाली, लैब टेक्नीशियन के हवाले रहा मेला
जरीफनगर। सुबह 11:00 बजे तक क्षेत्र के गांव रसूलपुर कलां नवीन स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. मोहम्मद हसन की कुर्सी खाली थी। एएनएम और वार्ड बॉय भी मौजूद नहीं थी। स्वीपर नहीं आया था। लैब टेक्नीशियन कृष्णपाल मौजूद मिले। मरीजों ने 12 बजे तक डॉक्टर के आने का इंतजार किया, उसके बाद मौजूद स्वास्थ्य कर्मी से ही दवा लेकर चले गए। जांच करने वाला कर्मचारी मरीजों की समस्या पूछकर दवा देने का काम कर रहा था। विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। संवाद
बीस दिन से डॉक्टर नहीं वार्ड बॉय के हवाले है स्वास्थ्य केंद्र
उसहैत। अपराह्न 10.30 बजे तक डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। वार्ड बॉय आनन्द और फार्मासिस्ट विवेक ही मरीजों को बिना जांच के ही दवा थमा रहे थे। 14 हजार की आबादी वाले कटरा सादतगंज के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले 20 दिन से कोई लैब टेक्नीशियन नहीं है। वार्ड बॉय और फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल में मरीजों को दवा मिल रही है। प्रभारी चिकित्सक श्यामपाल सिंह ने बताया कि उसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रात्रि ड्यूटी चल रही है। इसकी वजह से वह आरोग्य मेले में नहीं पहुंच सके। संवाद
38 लाख बकाया, विद्युत निगम ने काट दिया कनेक्शन
कादरचौक। अपराह्न 12:45 बजे असरासी नवीन स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष डॉ. शुभि चौधरी मिलीं। फार्मासिस्ट व अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे। 37 मरीजों को देखा गया था। अधिकांश मरीज बुखार, त्वचा रोग और डायरिया के आए थे। अंधेरे में बैठकर मरीजों को डॉक्टर देख रहे थे। बताया कि 38 लाख का बिजली बिल बकाया होने की वजह से कनेक्शन काट दिया गया है। संवाद
एक्सरे कराने आए मरीज लौटाए गए
अलापुर। पूर्वाह्न 11:10 बजे कस्बे के नवीन स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. आरपी यादव मौजूद मिले। फार्मासिस्ट सतीश कुमार मरीजों को दवा दे रहे थे। शुगर, बीपी, टीबी आदि की जांचें हो रहीं थीं। एक्सरे मशीन न होने के कारण मरीजों को लौटाया जाता है। एक्सरे कराने के लिए 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पर मरीजों को भेजा जा रहा है। संवाद
क्षय रोग की दवा नहीं, लौटाए गए मरीज
बगरैन। दोपहर 12:00 बजे डॉक्टर और फार्मासिस्ट मौजूद थे। अस्पताल पर महिला मरीज रामवती देवी ने बताया कि टीबी की दवा चल रही है, जो यहां मिल नहीं पा रही है। दवा टूटने से हालत बिगड़ रही है। आज तो डॉक्टर मिल भी गए, नहीं तो यहां डॉक्टर भी नहीं मिलते हैं। टीबी के मरीजों को कई दिन से लौटाया जा रहा है। एक्सरे कराने आए राजू ने बताया कि खांसी हो रही है, कफ आ रहा है। एक्सरे कराना था, लेकिन यहां मशीन न होने के कारण मना कर दिया गया। संवाद
जिले भर में सुबह से शाम चार बजे तक आरोग्य मेला लगे। सभी केंद्र पर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। जो लोग मेले में नहीं पहुंचे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जिले भर से मेले में पहुंचकर 2810 मरीजों ने दवा ली। आरोग्य मेले की व्यवस्था को और भी सुधारा जाएगा। -डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
उघैती के नवीन स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
उघैती के नवीन स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
उघैती के नवीन स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
उघैती के नवीन स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
उघैती के नवीन स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
उघैती के नवीन स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद