डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा की मौत के मामले में जांच कर रही पुलिस ने बुधवार रात जिला मुख्यालय से एक कार्यालय के ‘बाबू’ को हिरासत में ले लिया। शक है कि वह घटनाक्रम के बारे में बहुत कुछ जानता है। उससे बृहस्पतिवार को भी पूछताछ का दौर चला। हालांकि पुलिस ने पूछताछ को जांच से जुड़ा हिस्सा बताया है, लेकिन इसे लेकर पूरे दिन चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
पुलिस हिरासत में मौजूद ‘बाबू’ भी नगर का निवासी है। उसे कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात में हिरासत में लेकर दो बार पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को क्या बताया या फिर उसकी भूमिका कहां तक रही है, इस पर पूरे दिन सस्पेंस बना रहा। उसके घरवाले कोतवाली भी पहुंचे। उन्होंने भी ‘बाबू’ का पक्ष रखा।
मोहल्ला बाजारकलां निवासी डीजीसी (क्रिमिनल) साधना शर्मा की 23 मई शाम को बदायूं से लौटते वक्त सड़क हादसे में मौत हो गई थी। साधना की बहन विपर्णा गौड़ ने मामला हत्या कर बताकर पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों को नामजद कराया था। नामजदों में साधना के चाचा और चचेरा भाई भी शामिल हैं। इधर, सूत्रों की मानें तो शक में हिरासत में लिए गए ‘बाबू’ से सीओ जेएस पाटनी भी पूछताछ कर चुके हैं। उससे पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच की टीम भी यहां पहुंचनी थी, लेकिन बिनावर कांड के चलते टीम नहीं पहुंची।
वर्जन
एक व्यक्ति को जांच के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। चूंकि जांच घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू पर की जा रही है, ऐसे में निष्कर्ष के बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता। सबूत के आधार पर ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
- गोपीचंद्र यादव, कोतवाल।