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Budaun News: चंडीगढ़ पहुंचने की जल्दी में चालक तेजी से दौड़ा रहा था कार, और हो गया हादसा, तीन की मौत

Thu, 20 Aug 2026 02:03 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

गंगा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार सुबह एक कुत्ते को बचाने के दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि चालक समेत छह लोग घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।
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क्षतिग्रस्त कार
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विस्तार
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बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में दो महिलाओं समेत तीन की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि चंडीगढ़ पहुंचने की जल्दी में चालक कार को बेहिसाब गति से दौड़ा रहा था। यही वजह थी कि कुत्ता सामने आने के बाद चालक स्टेयरिंग से अपना नियंत्रण खो बैठा। कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि हादसा होने के दौरान खिड़कियां खुल गईं और उसमें बैठीं सवारियां गंगा एक्सप्रेस-वे पर छिटक गईं। सिर्फ एक ही महिला कार में फंसी रह गई। चारों ओर से क्षतिग्रस्त कार हादसे की भयावहता बयां कर रही थी।

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हादसा बुधवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। उस समय कार सवार सभी लोग सोए हुए थे। हादसे में घायल पुष्पा ने बताया कि वह कार में सबसे पीछे बैठी थीं। वैसे वह सो रही थीं, लेकिन जब कार एक दम से अनियंत्रित हुई तो उसकी नींद खुल गई। देखा कि कार करीब पांच से छह राउंड पलटने के बाद जाकर गिरी, वह सबसे पीछे होने के कारण उसी में फंसी रह गईं। पलटी कार से वह बमुश्किल निकल सकीं। वहीं घायल ज्ञान बहादुर मल्ल ने बताया कि वह कार में आगे ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठा था। वह सो रहा था। आंख खुलने पर खुद को अस्पताल में पाया। क्या हुआ, उसे कुछ पता नहीं चला। 

वह चंडीगढ़ अपनी बहन शालीना के घर जा रहा था। अन्य घायल यादव पोड़े के सिर में गंभीर चोट आई है, इस कारण केवल अपना नाम बता पाने के अलावा हादसे के बारे में कुछ नहीं बता पाए। 10 वर्षीय सीमोन के बाएं पैर में चोट और विनोद के सिर में गंभीर चोट है। पुष्पा के दोनों हाथों में चोटें आई थी। वहीं, चालक दीपक के केवल दाएं हाथ की कोहनी में मामूली चोट आई। रुपैड़िया से चंडीगढ़ तक का प्रति सवारी दो हजार रुपये किराया लिया गया था। घायल ज्ञान बहादुर ने बताया कि आठ सवारियां बैठाई गईं थीं।
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एआरटीओ ने घटनास्थल पर पहुंचकर की जांच
एआरटीओ हरिओम ने गंगा एक्स्प्रेस-वे के घटनास्थल का निरीक्षण किया। एआरटीओ ने बताया कि कार की स्पीड ज्यादा रही। यही वजह रही कि कुत्ता सामने आने पर चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा और हादसा हो गया। कार की स्पीड करीब 110 से ज्यादा रही होगी। एआरटीओ ने इस संबंध में परिवहन आयुक्त को भी रिपोर्ट भेज दी है।

 

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बीमार रहता था युवराज, बुआ इलाज कराने चंडीगढ़ लेकर जा रही थी 
हादसे में जान गंवाने वाला 18 साल का युवराज अपनी बुआ विपिना के साथ इलाज कराने चड़ीगढ़ जा रहा था। बुधवार की शाम को पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि युवराज और विपिना बुआ-भतीजे थे। युवराज 11वीं कक्षा में पढ़ाई करता था। तबीयत ठीक नहीं रहने पर बुआ इलाज कराने उसे लेकर चंडीगढ़ जा रही थी।   

युवराज के पिता खगेंद्र की भी छह साल पहले हादसे में मौत हो चुकी है। युवराज अपने घर का इकलौता बेटा था। बुआ-भतीजे की एक साथ मौत और विपिना के 10 वर्षीय बेटे सिमोन के घायल होने पर परिजनों पर एक साथ दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। युवराज की शिनाख्त शाम को हुई थी। 

गार्ड रेल से टिकने की वजह से एक्सप्रेस-वे से नीचे नहीं गिरी कार
अनियंत्रित कार हवा में ही छह बार पलटती गई। फिर एक्सप्रेस-वे के गार्ड रेल (रक्षक पटरी) पर जा टिकी। यदि गार्ड रेल नहीं होते तो कार एक्सप्रेस-वे से नीचे गिर जाती और इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था। 
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