बीमार रहता था युवराज, बुआ इलाज कराने चंडीगढ़ लेकर जा रही थी
हादसे में जान गंवाने वाला 18 साल का युवराज अपनी बुआ विपिना के साथ इलाज कराने चड़ीगढ़ जा रहा था। बुधवार की शाम को पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि युवराज और विपिना बुआ-भतीजे थे। युवराज 11वीं कक्षा में पढ़ाई करता था। तबीयत ठीक नहीं रहने पर बुआ इलाज कराने उसे लेकर चंडीगढ़ जा रही थी।
युवराज के पिता खगेंद्र की भी छह साल पहले हादसे में मौत हो चुकी है। युवराज अपने घर का इकलौता बेटा था। बुआ-भतीजे की एक साथ मौत और विपिना के 10 वर्षीय बेटे सिमोन के घायल होने पर परिजनों पर एक साथ दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। युवराज की शिनाख्त शाम को हुई थी।
गार्ड रेल से टिकने की वजह से एक्सप्रेस-वे से नीचे नहीं गिरी कार
अनियंत्रित कार हवा में ही छह बार पलटती गई। फिर एक्सप्रेस-वे के गार्ड रेल (रक्षक पटरी) पर जा टिकी। यदि गार्ड रेल नहीं होते तो कार एक्सप्रेस-वे से नीचे गिर जाती और इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था।