राशन कार्ड और यूनिटों का भी हो चुका है निर्धारण, आवंटन
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या के आधार पर वेबसाइट पर उपलब्ध अंत्योदय और पीएचएच राशन कार्डों, यूनिटों की संख्या के आधार पर खाद्यान का ब्रेकअप तैयार किया गया है। पूर्ति निरीक्षकों को शहरी और देहात का आवंटन जनसंख्या के आधार पर समान मात्रा में जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में सभी उपजिलाधिकारियों को जारी पत्र में जिला पूर्ति अधिकारी सत्यदेव ने उचित दर विक्रेताओं को ब्रेकअप जारी करते हुए खाद्यान्न का उठान सुनिश्चित करने को कहा है। बताया है कि माह अगस्त के लिए अंत्योदय और पात्र गृहस्थियों के लिए क्षेत्रवार आवंटन और उठान सुनिश्चित किया जाएगा। अंत्योदय के तहत प्रति कार्ड 20 किग्रा गेहूं, 15 किग्रा चावल वितरित किए जाएंगे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गृहस्थों को तीन किग्रा गेहूं, दो किग्रा चावल प्रति व्यक्ति दिए जाएं। उठान यदि निर्धारित आवंटन से अधिक कर लिया गया है तो इसका समायोजन आगामी माह के आवंटन के सापेक्ष कर लिया जाए। उठान के लिए एक फरवरी 2007 और 11 जुलाई 2014 में भारत सरकार के नियमों के अनुसार होगी। निर्धारित तिथियों में गुणवत्ता सुनिश्चित कर उठान हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि खाद्यान्न का डायवर्जन और कालाबाजारी न हो सके । इसलिए पर्यवेक्षण अधिकारी की मौजूदगी में ही खाद्यान्न का वितरण किया जाए। आवंटित खाद्यान्न का उपयोगिता प्रमाण पत्र महीने के आखिर में जिला पूर्ति कार्यालय में पहुंचाया जाए।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया है कि आयुक्त के निर्देश के अनुसार जनसंख्या और यूनिटों के आधार पर शहरी क्षेत्र में पीएचएच योजना में 59.39 प्रतिशत जनसंख्या और ग्रामीण क्षेत्र में 82.71 प्रतिशत जनसंख्या को पात्र माना गया है। शहरी क्षेत्र में कुल पात्र 71890 परिवार, 352575 यूनिट और ग्रामीण क्षेत्र में 314143 परिवार, 1589498 यूनिट कुल पीएचएच योजना के 390033 परिवार और 1942073 यूनिटों और अंत्योदय योजना के 45221 राशन कार्डों के सापेक्ष खाद्यान्न का संशोधित ब्रेकअप तैयार कर भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि पूर्ति निरीक्षकों द्वारा निर्गत खाद्यान्न के ब्रेकअप पर आपत्ति कर गांव और शहर का आवंटन जनसंख्या के आधार पर समान मात्रा में जारी किया जाना है।