मेडिकल कोचिंग के लिए बेटी का राजस्थान के कोटा जिले में दाखिला कराने गए कुलदीप रस्तोगी और उनकी बेटी दीपांशी रस्तोगी की कोटा के एक होटल में लाश मिलीं। राजस्थान के थाना भीमगंज मंडी पुलिस का दावा है कि आर्थिक तंगी के चलते कुलदीप रस्तोगी ने पहले बेटी की गला घोंटकर हत्या की बाद में खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गए। राजस्थान पुलिस मौके से सुसाइट नोट मिलने की बात भी कह रही है। रविवार को पिता-पुत्री के शव घर पहुंचने के बाद परिवार में कोहराम है। मृतक की शिक्षिका पत्नी क्षिप्रा रस्तोगी आर्थिक तंगी की बात नकार रही हैं।
शहर के मोहल्ला जवाहरपुरी निवासी कुलदीप रस्तोगी (50) वायुसेना के रिटायर्ड सार्जेंट थे। गुरुवार को वह अपनी बेटी दीपांशी रस्तोगी (17) के साथ बदायूं से राजस्थान के कोटा के लिए निकले थे। उनको कोटा स्थित एक कोचिंग में दीपांशी का मेडिकल पढ़ाई के लिए दाखिला कराना था। पिता-पुत्री शाम को कोटा पहुंचे। रात में उन्होंने कोटा में रेलवे स्टेशन के पास गायत्री रेज ीडेंसी में किराए पर रूम लिया। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने फोन से घर पर बात की। शुक्रवार सुबह नौ बजे क्षिप्रा रस्तोगी ने पति को फोन किया तो उन्होंने बेटी के साथ 10 बजे कोचिंग के लिए निकलने की बात कही। पत्नी के पूछने पर बताया कि दीपांशी तैयार हो रही है।
इसके बाद परिवार वालों की उनसे कोई बात नहीं हुई। कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। शनिवार को परिवार वालों को खबर मिली कि कुलदीप और दीपांशी के शव होटल के रूम में मिले हैं। दीपांशी की गला दबाकर हत्या की गई है और कुलदीप की लाश फांसी के फंदे पर झूलती हुई मिली। खबर मिलने पर परिवार वाले कोटा पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिए। थाना भीमगंज मंडी के सीनियर इंस्पेक्टर हरीश भारती का दावा है कि आर्थिक तंगी के चलते कुलदीप रस्तोगी ने पहले अपनी बेटी की गला दबाकर हत्या की बात में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। हालांकि कुलदीप रस्तोगी की पत्नी आर्थिक तंगी की बात को नकार रही हैं। रविवार को पिता-पुत्री के शव घर पहुंच गए। परिवार में कोहराम का माहौल है।
बेटे को इंजीनियर, बेटी को डॉक्टर बनाने की थी तमन्ना
वायु सेना के सार्जेंट रिटायर्ड कुलदीप रस्तोगी बेटे दीपांश रस्तोगी को इंजीनियर और बेटी दीपांशी को डॉक्टर बनाना चाहते थे। उनकी यह तमन्ना दिल में ही रह गई। उनकी दोनों संतानें मेधावी हैं। बेटी ने इसी साल ही इंटरमीडिएट में 93 फीसदी से अधिक अंकों के साथ परीक्षा पास की थी। बेटा दीपांश सिक्किम के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहा है। घटना के बाद उनका परिवार सदमे में है।
राजस्थान के कोटा जिले के थाना भीमगंज मंडी पुलिस भले यह दावा कर रही है कि कुलदीप रस्तोगी ने आर्थिक तंगी के चलते पहले अपनी बेटी की गला दबाकर हत्या की बाद में खुदकुशी कर ली। यह दावा किसी के गले नहीं उतर रहा। उनकी पत्नी भी आर्थिक तंगी की बात मानने को तैयार नहीं हैं। एक पहलू यह भी है कि वह दीपांशी की कोचिंग की फीस जमा कर चुके थे। उनके कमरे से फीस जमा करने संबंधी रसीद भी पुलिस को मिली है। उनकी पत्नी क्षिप्रा रस्तोगी भी आर्थिक तंगी की बात को नकार रही हैं। उनका कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं थी। बेटी की फीस जमा हो चुकी थी। सिर्फ दाखिला बाकी था। कुलदीप ने इस तरह की कोई बात कभी उनसे शेयर भी नहीं की। उनको यह समझ नहीं आ रहा कि कुलदीप ने किस दवाब में आकर खुदकुशी की। परिवार वाले इस घटना पर संदेह जता रहे हैं।
-यह लिखा है सुसाइट नोट में
मैं अपनी मौत का खुद जिम्मेदार हूं। आर्थिक तंगी की वजह से खुदकुशी कर रहा हूं। बेटा मुझे माफ कर देना। मेरी मौत के बाद आप जिला सैनिक कल्याण बोर्ड से संपर्क कर लेना। वहां से आप लोगों को काफी मदद मिलेगी।
दीपांशी की मौत संदिग्ध मान रही पुलिस
राजस्थान की भीमगंज मंडी पुलिस भी पिता-पुत्री की मौत में उलझ गई है। कुलदीप रस्तोगी के कमरे से मिले सुसाइट नोट के आधार पर पुलिस इसे खुदकुशी करार जरूर दे रही है, लेकिन पहले बेटी की हत्या बाद में खुदकुशी इस पहलू पर पुलिस ज्यादा कुछ बोलने से बच रही है। सुसाइट नोट में आर्थिक तंगी का जिक्र किया गया है, लेकिन कुलदीप रस्तोगी का परिवार संपन्न परिवार है। उनकी मां भी शिक्षिका थीं। पत्नी क्षिप्रा रस्तोगी भी शिक्षिका हैं। बेटा दीपांश सिक्किम के एक इंजीयरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहा है। ऐसे में आर्थिक तंगी की बात किसी के गले नहीं उतर रही।
कुलदीप ने अपनी बेटी की गला घोंटकर हत्या की है। यह आवेश में उठाया गया कदम लग रहा है। पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में कुछ वक्त लगेगा। दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है।
-हरीश भारती, सीनियर इंस्पेक्टर थाना भीमगंज मंडी (राजस्थान)