बदायूं। बिसौली कस्बे में एक दिव्यांग बुजुर्ग की दुकान पर कब्जा करने के आरोप में पुलिस ने दो भाजपा नेताओं और एक अधिवक्ता समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दिव्यांग का आरोप है कि कई बार उनकी पुश्तैनी दुकान पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। उनका मोबाइल तोड़ दिया गया। उनके साथ मारपीट भी की गई। स्थानीय पुलिस ने उनका सहयोग नहीं किया। एडीजी के आदेश पर उनकी रिपोर्ट लिखी गई है।
कस्बे के साहूकारा मोहल्ला निवासी दिव्यांग 70 वर्षीय प्रदीप कुमार की चौक बाजार में बुध बाजार रोड पर पुश्तैनी दुकान है। दिव्यांग प्रदीप कुमार के मुताबिक 70-80 साल से वो अपनी दुकान में कपड़े और सराफा का काम कर रहे हैं। वर्ष 2011 में तीसरे व्यक्ति शेखर ने रेखा पत्नी संजय रस्तोगी के नाम उनकी दुकान का बैनामा कर दिया था। जबकि शेखर का दुकान से कोई लेना-देना नहीं था। जानकारी पर उन्होंने बैनामा निरस्त कराने के लिए कोर्ट में मुकद्दमा डाल दिया। जो आज भी विचाराधीन है। इस बीच आरोपियों ने कई बार दुकान पर कब्जा करने का प्रयास किया। एक अगस्त को उनकी दुकान पर संजय रस्तोगी, उनकी पत्नी रेनू रस्तोगी, भाजपा के नगर अध्यक्ष अनिल उर्फ अक्कू रस्तोगी, मोनू, घनश्याम गुप्ता, अधिवक्ता शोभित सक्सेना, भाजपा के प्रांतीय परिषद के सदस्य दुर्गेश वार्ष्णेय, विट्टन लाल पाठक, उल्फत यादव और कुछ अज्ञात लोग उनकी दुकान पर आए थे। आरोपियों ने उनकी दुकान में लूटपाट और मारपीट की। उन्होंने पुलिस को फोन करने के लिए मोबाइल निकाला तो उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। दूसरे दिन वो कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 19 अगस्त की सुबह वो अपनी दुकान खोल रहे थे। तभी आरोपी संजय रास्तोगी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। तब से प्रदीप कुमार रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटक रहे थे। उन्होंने कोतवाली पुलिस के अलावा एसएसपी को भी तहरीर दी थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। थकहार कर उन्होंने बरेली एडीजी से कार्रवाई की मांग की। पहले दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच नहीं की। दूसरी बार उन्होंने एडीजी को पुलिस की करतूत बताई। तब उनके आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई है।
यह काफी पुराना मामला है। इनका विवाद संजय रस्तोगी से है। काफी समय से दुकान पर ताला लगा हुआ है। वादी ने जिस समय दुकान में घुसकर मारपीट और लूटपाट का जिक्र किया है। हमने उसकी वीडियो फुटेज निकलवाई थी। उसमें कोई ऐसी घटना नहीं मिली है। बाकी मामले की जांच की जा रही है।
पुष्पेंद्र सिंह चौहान, विवेचक बिसौली कोतवाली