फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: रेबीज इंजेक्शन लगवाना है तो सिरिंज लेकर आओ

विज्ञापन
जिला अस्पताल में मरीज को वैक्सीन लगाता स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज नहीं हैं। जिन मरीजों को रेबीज इंजेक्शन लगवाना है, उन्हें मेडिकल स्टोर से सिरिंज खरीदकर लाना पड़ है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शासन से ही सिरिंज नहीं आ रही है।
विज्ञापन

गर्मी बढ़ने के साथ ही कुत्ते काटने के मामले बढ़ गए हैं। इसके अलावा बंदरों के काटने के मामले अक्सर आ रहे हैं। सीएचसी में अधिकतर कुत्ते काटने से घायल लोग ही एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिले भर में हर दिन करीब 500 से ज्यादा लोगों को रेबीज का इंजेक्शन लगता है। इनमें से 80 फीसदी लोगों को सिरिंज खरीदनी पड़ रही है। पिछले तीन माह से शासन से एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज नहीं आई है। इसकी डिमांड लगातार भेजी जा रही है।
-
जिला अस्पताल में सीएमएस स्तर से हुई खरीद
शासन की ओर से सिरिंज न भेजी जाने की वजह से मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही है। इसलिए सीएमएस ने अपने स्तर से सिरिंज की खरीद कराई है। जिला अस्पताल में हर दिन 200 से ज्यादा मरीजों को रेबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है।
विज्ञापन


केस एक
उझानी सीएचसी में देवेंद्र कुमार रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। उन्हें बृहस्पतिवार शाम को कुत्ते ने काट लिया था। सीएचसी में इंजेक्शन लगाने के लिए सिरिंज नहीं थी। वह सिरिंज मेडिकल स्टोर खरीद कर ले गए तो उन्हें इंजेक्शन लगाया गया।

केस दो
रुदायन सीएचसी में इंजेक्शन लगवाने पहुंचे अरुण कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को बंदर ने काट लिया था। शुक्रवार की सुबह जब वह सीएचसी रुदायन पहुंचे तो वहां इंजेक्शन तो था, लेकिन उसे लगाने के लिए सिरिंज नहीं था। वह बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदकर सिरिंज लाए।

एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी नहीं है। इसको लगाने के लिए एक एमएल सिरिंज की जरूरत होती है। यह शासन से मिल नहीं रही है। इस वजह से समस्या हो रही है। मांग पत्र शासन को भेजा जा चुका है। दो एमएल की सिरिंज भेजी जा रही है।
विज्ञापन

-पंकज शंखधार, मुख्य फार्मासिस्ट, सीएमएसडी स्टोर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें