बौध्द कथा सुनाते रामनिवास शाक्य। संवाद
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव दबिहारी में चल रही भगवान बौद्ध की पांच दिवसीय कथा के चौथे दिन कथावाचक रामनिवास शाक्य ने कहा कि जीवन में खुश रहना है तो दूसरों को खुशियां बांटना सीखें। कथा प्रारंभ करने से पहले उन्होंने बुद्ध वंदना की। कहा, बौद्ध धर्म दुनिया का चौथा सबसे बड़ा धर्म है। इसकी स्थापना भगवान बुद्ध ने की थी।
कथा वाचक ने कहा कि सत्य की राह पर चलने वाला मनुष्य सिर्फ दो ही गलतियां कर सकता है। या तो वह पूरा रास्ता तय नहीं करता या शुरुआत ही नहीं करता। एक दीपक से हजारों दीपक जल सकते हैं, फिर भी दीपक की रोशनी कम नहीं होती। इस तरह किसी की बुराई से आपकी अच्छाई कम नहीं हो सकती। कथावाचक ने सिद्धार्थ की शादी का प्रसंग भी पेश किया। इस मौके पर गजेंद्र सिंह, मुन्नालाल, राजाराम, द्वारिका प्रसाद, भगवान सिंह, शैलेश कुमार, प्रदीप कुमार, रतीभान सिंह, सुखवीर शाक्य, शीशपाल आदि मौजूद रहे। संवाद