द्रोपदी देवी इंटर कॉलेज में ड्रेस में मौजूद चालक। संवाद
बदायूं। स्कूली वाहनों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें अब जिन स्कूली वाहनों में छात्राएं सफर करेंगी, उनमें महिला परिचारिका (अटेंडेंट) की मौजूदगी अनिवार्य होगी। परिवहन विभाग के निर्देश स्कूल प्रबंधन तक पहुंचने के बाद विद्यालयों ने व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत स्कूलों को छात्राओं को लाने-ले जाने वाले वाहनों में महिला परिचारिका की तैनाती करनी होगी, जो स्कूल परिचारिका की व्यवस्था नहीं करेंगे उन पर कार्रवाई होगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करना है। स्कूल आने-जाने के दौरान छात्राओं को किसी तरह की असुविधा या समस्या न हो, इसके लिए वाहन में चालक के अलावा महिला परिचारिका की मौजूदगी होनी चाहिए। परिचारिका छात्राओं के वाहन में बैठने, उतरने और यात्रा के दौरान उनकी निगरानी में सहयोग करेगी। इससे अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधन को निर्देशों का पालन कराने के लिए कहा गया है। विद्यालयों में छात्राओं की संख्या और उनके आवागमन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों के आधार पर महिला परिचारिकाओं की व्यवस्था की जा रही है। स्कूल प्रबंधन की ओर से वाहन संचालकों के साथ भी इस संबंध में समन्वय किया जा रहा है। परिवहन विभाग समय-समय पर स्कूली वाहनों की जांच करता है। अब छात्राओं वाले वाहनों में महिला परिचारिका की मौजूदगी भी व्यवस्था का हिस्सा होगी। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों और वाहन संचालकों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जा सकती है।
चालक व परिचारिका के लिए ड्रेस भी अनिवार्य
कुछ स्कूलों ने चालक-परिचालकों का ड्रेस कोड भी लागू कर दिया है। विद्यालयों के चालकों को खाकी बुश शर्ट, खाकी फुल पेंट, परिचालक को नेवी ब्लू बुश शर्ट, नेवी फुल पेंट व महिला परिचारिका को नेवी ब्लू साड़ी पहननी होगी। इसके अलावा स्कूल वैन के चालक को सिलेटी बुश शर्ट, सिलेटी खाकी फुल पेंट पहनेंगे। साथ ही विद्यालय की ओर से जारी पहचान पत्र, मोबाइल नंबर सहित नेम प्लेट भी लगानी होगी।
स्कूली वाहनों में छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टि से महिला परिचारिका का होना जरूरी है। कुछ स्कूलों ने शुरुआत की है, जो नहीं करेंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -हरिओम, एआरटीओ