आबादी क्षेत्र में संचालित होती रही हैं आलू चिप्स की भट्ठियां
सोशल वर्कर आसिम उमर ने पालिका में की शिकायत
आबादी क्षेत्र में पिछले चार-पांच साल से संचालित आलू चिप्स बनाने की भट्ठियों की गंदगी नाले और नालियों में प्रवाहित किए जाने से एक बार फिर संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसकी शिकायत लेकर बुुधवार को पालिका कार्यालय पहुंचे सोशल वर्कर आसिम उमर ने ज्ञापन सौंप दिया। बताया कि भट्ठियों को आबादी क्षेत्र से बाहर पहुंचाने के लिए पालिका को कार्रवाई करनी चाहिए।
सोशल वर्कर आसिम उमर ने पालिका के वरिष्ठ लिपिक मुकेश शर्मा को उन स्थानों के बारे में भी जानकारी दी जहां आलू के चिप्स बनाने के लिए भट्ठियों को शुरू कर दिया गया है। आसिम ने बताया कि चिप्स की धुलाई के दौरान घातक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। उसका कचरा भी सड़क किनारे या फिर नाले-नालियों में प्रवाहित कर दिया जाता है। पिछले साल भट्ठियों के आसपास इलाकों में संक्रामक रोग भी फैले थे। मच्छरजनित बीमारियों में डेंगू ने भी पैर फैला लिए थे। सर्वाधिक दिक्कत पंखा रोड, किलाखेड़ा और गौशाला के आसपास के लोगों को हुई थी।
बता दें कि पिछले साल संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ने पर पालिका प्रशासन ने भट्ठियों के संचालकों का नोटिस भी भेजे थे। नोटिस रिसीव कर लेने के बाद भी संचालकों पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा था। आसिम ने बताया कि पालिका प्रशासन इस बार भट्ठियों को आबादी क्षेत्र से बाहर कराने में नाकाम रहा तो भाकियू के सहयोग से आंदोलन भी किया जाएगा। इधर, ईओ संजय कुमार तिवारी ने बताया कि चिप्स की भट्ठियों के बारे में वह सच्चाई का पता करेंगे। उनकी प्राथमिकता साफ-सफाई की होती है, उसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।