परिषदीय स्कूलों में वितरित की गई यूनिफार्म की गुणवत्ता परखने के लिए जिला स्तर पर टीम गठित की जाएगी। जांच दल मौके पर जाकर यूनिफार्म की गुणवत्ता की जांच कर अपनी रिपोर्ट सीडीओ को उपलब्ध कराएगा। गुणवत्ता संतोषजनक न पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने सीडीओ शेषमणि पांडेय एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि परिषदीय स्कूलों में अब तक 91 प्रतिशत नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जा चुका है और 75 प्रतिशत बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध करा दी गई है। डीएम ने बेसिक शिक्षा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वितरित की गई यूनिफार्म के फोटोग्राफ उन्हें उपलब्ध कराए जाएं। डीएम ने सीडीओ से कहा कि जिला स्तर पर टीम गठित कर स्कूल यूनिफार्म की गुणवत्ता का सत्यापन कराया जाए। ग्रामीण अंचलों की सफाई व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले सफाई कर्मियों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। सफाई कर्मियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के संबंध में प्रभारी डीपीआरओ ने बताया कि अब तक 10 कर्मियों को निलंबित किए जाने के साथ ही 10 सफाई कर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा 11 को लिखित चेतावनी जारी की जा चुकी है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालयों के निर्माण और ओडीएफ की स्थिति की भी गहन समीक्षा की। डीएम ने विद्युत अभियंताओं से विद्युत आपूर्ति के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में जिला विकास अधिकारी सेवा राम चौधरी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजेश शर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।