उझानी में विरोध जताते आईसीएल के निवेशक। संवाद
उझानी। आईसीएल म्यूचुअल बेनीफिट्स कारपोरेशन लिमिटेड के निवेशकों और अभिकर्ताओं ने कंपनी पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। निवेशकों समेत अभिकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान जमा धनराशि की रसीदें और बांड भी दिखाए। डीएम समेत अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने कंपनी के वर्ष 2020 के बाद नए निवेश नहीं करने के दावे को भी झुठला दिया। बोले, दिसंबर- 2021 तक निवेश किए जाने के प्रमाण उनके पास मौजूद हैं।
आईसीएल से जुड़े नगर निवासी व आसपास इलाके के निवेशक और अभिकर्ता बृहस्पतिवार पूर्वाह्न राजवीर सिंह के माेहल्ला श्रीनारायण गंज स्थित निवास पर जुटे। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए आपस में सलाह-मशविरा किया। निवेशक राजेंद्र साहू और संतोष सक्सेना ने बताया कि कंपनी ने दिसंबर 2020 से नया निवेश नहीं करने का जो दावा किया है, उससे निवेशक और अभिकर्ता आहत हैं।
दिसंबर, 2021 तक निवेश कराके कंपनी के खातों में करोड़ों रुपये जमा कराए गए। आईसीएल के संचालक और अधिकारी उस दौरान की रकम का गोलमाल करके निवेशकों और अभिकर्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की जुगत में है। अभिकर्ताओं में हरवंश सिंह ने बताया कि उन समेत जिन अभिकर्ताओं ने निवेश कराया है, निवेशक उन्हें परेशान कर रहे हैं। निवेशकों समेत अभिकर्ताओं ने कहा कि जमा धनराशि की रसीदें और बांड प्रमाण सहित अधिकारियों के सामने भी पेश किया जाएगा। उन्होंने कंपनी के सीएमडी पर कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम समेत पुलिस के अधिकारियों को शिकायत भी भेजी है।
बता दें कि बदायूं और उझानी में करीब तीन साल निवेशकों ने आईसीएल के संचालकों पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसके बाद कंपनी ने निवेशकों की धनराशि वापसी की प्रक्रिया शुरू कराने का भी दावा किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान आईसीएल के निवेशक और अभिकर्ताओं में सुरेंद्र पाल सिंह, रामसरन शर्मा, अमरपाल, रामबाबू पाल, अमित किशोर सिंह, जसवीर सिंह आदि मौजूद रहे।