डाकघर को बम से उड़ा देने के धमकी भरे पत्र का मामला इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) तक पहुंच गया है। हकीकत का पता लगाने के लिए आईबी के फील्ड अफसर यहां पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले में पोस्टमास्टर चेतन यादव से पूछताछ की। किसी पर शक और पुलिस कार्रवाई के बारे में उनका पक्ष भी जाना। आईबी के अफसर एक दुकानदार से भी मिले।
करीब डेढ़ महीने पुराने मामले में बुधवार को मुख्य डाकघर कार्यालय पहुंचे आईबी के फील्ड ऑफीसर एनएस कुशवाह और वीके सिंह ने सबसे पहले पोस्टमास्टर चेतन यादव से बात की। चेतन ने उन्हें वह लेटर भी दिखाया जो डाक से उनके पास पहुंचा था। इसी लेटर के जरिए डाकघर को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले के नाम का लेटर में उल्लेख नहीं था फिर भी कई ऐसे दुकानदारों के नाम लिखे गए थे, जिनके डाकघर के ग्राउंड फ्लोर पर प्रतिष्ठान हैं। आईबी के अफसरों ने लेटर की फोटो काफी और कोतवाली पुलिस को उस वक्त दी गई तहरीर की प्रति भी हासिल की। बाद में अफसर एक दुकानदार से उसके प्रतिष्ठान पर जाकर मिले। उससे भी जानकारी की गई। पोस्टमास्टर ने डाक अधीक्षक बदायूं के जरिए विभाग के आला अफसरों को धमकी भरे लेटर के मामले से अवगत कराया था। माना जा रहा है कि उसी के बाद से आला अफसरों ने खुफिया एजेंसियों से जांच कराने का मन बनाया था। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) भी गोपनीय जांच कर रही है।