बदायूं। साढ़े तीन साल पुराने दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपाल जी ने आरोपी पति को 10 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शाहजहांपुर में जलालाबाद क्षेत्र के गांव सराय साधौ निवासी भानु प्रताप ने 19 मई 2018 को हजरतपुर थाने आकर तहरीर दी कि उन्होंने अपनी बहन वंदना की शादी 26 अप्रैल 2018 को हजरतपुर निवासी शेर सिंह के साथ की थी। उसके ससुराल वाले शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वंदना का पति शेर सिंह, जेठ रामऔतार, देवर देवेंद्र, ननद प्रियंका, ससुर राजवीर और चचिया ससुर नन्हें बाइक और चेन लाने को परेशान करते थे। भानुप्रताप ने ये सामान देने की असमर्थता जताई। इससे नाराज होकर ससुराल वालों ने 15 मई 2018 को वंदना की हत्या कर दी। पुलिस ने शेर सिंह रामऔतार, देवेंद्र, प्रियंका, राजवीर और चचिया ससुर नन्हें के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद पति शेर सिंह के खिलाफ दहेज हत्या व दहेज के मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश गोपाल जी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद पति शेर सिंह को दहेज हत्या का मुजरिम ठहराते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम शेर सिंह पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।