विधान परिषद सदस्य पद के लिए भाजपा से उम्मीदवार जितेंद्र यादव ने मतदान से एक दिन पहले सपा प्रत्याशी पर सैकड़ों वोटरों को बंधक बनाने का आरोप लगाया और अपनी हत्या की आशंका जताते हुए भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को डराया धमकाया जा रहा है। एक समर्थक के घर में घुसकर पुलिस ने तोड़फोड़ की। डीएम और एसएसपी ने भी उनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया।
बुधवार को शहर के एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान जितेंद्र यादव ने उस वीडियो को भी दिखाया, जिसमें एक फार्म हाउस पर करीब 400 वोटरों को बंधक बनाकर रखना दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं ने सत्ता के बल पर करीब 1200 वोटरों को अलग-अलग जगह पर बंधक बनाकर रखा है। ये लोग बड़ी संख्या में हेल्पर लेकर चुनाव को प्रभावित करेंगे। यादव ने बताया कि मंगलवार शाम को उन्होंने यहां तैनात प्रेक्षक को जब जानकारी दी, तो उन लोगों पर कार्रवाई होने के बजाय, लोकल पुलिस वहां तलाशी लेने आ गई, जिस होटल में वह ठहरे हुए हैं। यही नहीं रात में ही उनके समर्थक हिमांशु यादव के घर पर बने कार्यालय का ताला तोड़कर वहां पुलिस ने महिलाओं से अभद्रता की, सामान को तहस नहस कर दिया। यही नहीं उनकी गाड़ियों के चालकों और रिश्तेदारों को पुलिस पकड़ ले गई। इस पर उन्होंने रात में एक बजे ही मुख्य चुनाव आयुक्त को फैक्स किया है। भाजपा उम्मीदवार ने मांग की कि बंधक बनाए गए वोटरों को मुक्त कराकर उनसे पैरा मिलेट्री की देखरेख में मतदान कराया जाए। वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।