बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट को दोबारा संचालित कराने के लिए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने अब ठोस और निर्णायक पहल शुरू कर दी है। लंबे समय से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सोमवार को कंपनी के कार्यकारी निदेशक (ईडी) मोहित धवल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टास्क टीम प्लांट पर पहुंची। जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत मंथन कर एक सप्ताह में संचालन बहाली की रूपरेखा तैयार की। यह टीम अब यहीं रुकेगी।
डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा की मौजूदगी में प्लांट परिसर में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में प्लांट संचालन से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस बार प्लांट का संचालन पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध रूप से कराया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक के बाद टास्क टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्लांट परिसर का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मशीनों की वर्तमान स्थिति, कर्मचारियों की उपलब्धता, कच्चे माल की आपूर्ति और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवश्यक निर्देश जारी करते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। करीब तीन बजे पहुंचे यहां अफसरों ने चार घंटे तक रूककर रणनीति बनाई। इसके बाद शाम करीब सात बजे कार्यकारी निदेशक धवल वापस चले गए, बाकी टीम यहीं रुक गई है।
अधिकारियों, कर्मचारियों की सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता
पुलिस-प्रशासन ने साफ तौर पर कहा कि प्लांट में तैनात होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए प्लांट परिसर में पर्याप्त पुलिस बल की स्थायी तैनाती की गई है। पुलिस चौकी बनी है पीएसी भी लगी है। साथ ही पूरे परिसर को सीसी कैमरों से लैस कर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा। आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
12 मार्च से ठप है प्लांट का संचालन
बता दें कि बीते 12 मार्च को प्लांट में तैनात दो अधिकारियों की हत्या के बाद से यहां का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गईं, बल्कि किसानों और स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़े लोगों को भी झटका लगा था। इसी पृष्ठभूमि में अब कंपनी ने नए अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सुरक्षा कारणों से उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उन्हें कार्यभार भी विशेष पुलिस सुरक्षा के बीच ग्रहण कराया जाएगा।
पराली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी चर्चा
प्लांट संचालन के लिए आवश्यक कच्चे माल, विशेष रूप से पराली की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी विस्तृत रणनीति बनाई गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बेहतर समन्वय स्थापित कर आपूर्ति शृंखला को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया है, ताकि उत्पादन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है।
बंद मशीनों की हो रही जांच
तकनीकी स्तर पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। करीब एक माह से बंद पड़ी मशीनों की स्थिति का आकलन करने के लिए विशेषज्ञ इंजीनियरिंग टीम को तैनात किया गया है। मशीनों की गहन जांच कर संभावित खराबियों को चिह्नित किया जा रहा है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही प्लांट परिसर में साफ-सफाई, मरम्मत और रखरखाव कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं। बैठक में दातागंज एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य प्रशासनिक, तकनीकी और कंपनी से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं पूरी होते ही जल्द ही प्लांट को दोबारा शुरू करवा दिया जाएगा। कंपनी के उच्चाधिकारियों की टीम के साथ इसके लिए बैठक की गई है। प्लांट परिसर व आस पास सुरक्षा-व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए है।