अतिक्रमण और जाम शहर की बड़ी समस्या है। लाचार सिस्टम होने की वजह से शहरवासियों को इससे निजात नहीं मिल रही है। कई बार अतिक्रमण हटाने को यातायात पुलिस टीम के साथ निकलती है। अतिक्रमण हटता भी है लेकिन शाम तक स्थिति फिर से पुराने ढर्रे पर आ जाती है। यूं तो समस्या पूरे शहर की है लेकिन कलक्ट्रेट, छह सड़का, लावेला चौक, बड़ा बाजार, खैराती चौराहे पर हर पांच मिनट में जाम लग जाता हैै। कलक्ट्रेट चौराहे से डीएम, एसएसपी, एडीएम सिटी, एसडीएम रोजाना गुजरते हैं। इनके आवास और दफ्तर के सामने ही कई बार ऑटो मनमानी तरीके से आड़े-तिरछे खड़ा कर जाम लगा देते हैं। अफसर भी इसी जाम में फंसते हैं, मगर वह चुपचाप निकल जाते हैं। यही हाल अधिकांश चौराहों का है। कलक्ट्रेट चौराहे स्थित कचहरी चौकी का हाल इतना बुरा है कि वह चौकी इंचार्ज से लेकर सिपाही के वाहन रोड पर खड़े रहते हैं। लेकिन पुलिस कर्मी सब देखते हुए भी अंजान बने रहते हैं। जब भी सिस्टम सुधारने की बात उठती है तो पूरा तंत्र गरीबों को दीन हीन दशा और उनकी रोजी रोटी का हवाला देकर अपना बचाव करने में लग जाता है।