- जिले में कोरोना से निपटने के लिए दो दिन की मॉकड्रिल में पहले दिन ही कर लिए इंतजाम पूरे
- कोरोना काल के बाद वापस मूल तैनाती पर भेज दिया गया था स्टाफ, अब कोविड अस्पतालों में जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में कोरोना संकट से निपटने के लिए दो दिवसीय मॉकड्रिल की जानी थी, ताकि व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके। मगर, स्वास्थ्य विभाग ने एक ही दिन में मॉकड्रिल करते हुए सभी इंतजाम दुरुस्त करने का दावा किया है। इधर, कोविड अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ नहीं है, कोरोना काल में जो स्टाफ तैनात किया गया था वह कोरोना काल के बाद वापस मूल तैनाती पर भेज दिया गया। ऐसे में अगर कोरोना संक्रमण फैला तो किस तरह से संक्रमितों को इलाज मिल सकेगा यह सवाल सभी उठा रहे हैं।
जिले में फिलहाल कोरोना संक्रमित का इस साल में कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है, लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए तैयारियां दुरुस्त की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने करीब दस दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय के निर्देशन में टीमें कोविड अस्पताल का निरीक्षण कर रही थीं। इसी बीच दो दिन की मॉकड्रिल के शासन ने निर्देश दिए थे। मंगलवार और बुधवार दो दिन मॉकड्रिल होनी थी। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा जिले के चार अन्य कोविड अस्पतालों में कोरोना संकट से निपटने की मॉकड्रिल की गई। इस दौरान डेमो किया गया कि संक्रमित को किस तरह से अस्पताल ले जाया जाएगा और उसका किस तरह से इलाज किया जाएगा। पहले दिन की मॉकड्रिल में कुछ खामी मिली थीं।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि एक ही दिन की मॉकड्रिल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। इस संबंध में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि एक ही दिन की मॉकड्रिल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। कोरोना संक्रमण से निपटने के सभी इंतजाम उनके पास हैं।