माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए भले ही नए-नए परीक्षण किए जा रहे हों, लेकिन शासन द्वारा सचल दल के निरीक्षण के लिए भेजा गया बजट तो ऊंट के मुंह में जीरे के समान लग रहा है। ऐसे में जिले के 106 परीक्षा केंद्रों को छळ सचल दल दोनों पारियों में कैसे देखेंगे? ये सवाल भी उठ रहा है। कुछ परीक्षा केंद्र मुख्यालय से काफी दूर कटरी क्षेत्र में हैं।
इस बार जिले में नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को सख्ती से सभी शासन के सभी निर्देशों का पालन करने का आदेश दिए हैं, लेकिन शासन द्वारा सचल दलों के निरीक्षण के लिए भेजा गया बजट मात्र 45 हजार है, जो मांग के अनुसार बेहद कम है। जिले में परीक्षा के दौरान कुल छह सचल दल पूरे जिले में औचक निरीक्षण करेंगे। जिसमें डीआईओएस, बीएसए, लेखा अधिकारी, डायट प्राचार्य और जगत व दातागंज राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य शामिल हैं। डीआईओएस बीना यादव ने बताया इस बार नकल को रोकने के लिए विभाग को और अधिक संसाधनों की जरूरत है, लेकिन शासन द्वारा सचल दलों के वाहनों के लिए भेजा गया बजट मांग के अनुसार बेहद कम है। ऐसे में विभाग के सामने दूर-दराज के क्षेत्रों में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसलिए अभी से डीएम को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी दी गई है।
परीक्षा केंद्रों पर कल उपस्थित होंगे शिक्षक
बदायूं। डीआईओएस बीना यादव ने ऐसे सभी विद्यालय जिन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है, उनके प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर सूचित किया है। कि बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 21 मार्च तक समाप्त होंगी। इस दौरान ऐसे विद्यालय पूर्ण रूप से बंद रहेंगे साथ ही उनके विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को निकटतम परीक्षा केंद्र में परीक्षा ड्यूटी करने के लिए भेजना होगा। यदि किसी विद्यालय के शिक्षक को बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने से रोकने या अवकाश पर भेजने पर उस विद्यालय पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे सभी शिक्षक 17 फरवरी तक सुबह 10 बजे आवंटित परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी के लिए उपस्थित होना होगा।