बदायूं। सड़क हादसे में घायल होने पर केंद्र सरकार ने 1.50 लाख रुपये का कैशलेस इलाज देने की घोषणा की है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में हर साल करीब एक हजार लोग सड़क हादसों में घायल होते हैं। इलाज कराने के लिए उनके परिजनों को घर-जेवर तक गिरवी रखने पड़ जाते हैं। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद जहां लोगों में खुशी है, वहीं उन्हें उम्मीद जागी है कि दुख की घड़ी आने पर सरकार से उन्हें मदद मिल सकेगी।
बात करें 2021 की तो इस साल 1012 लोग अलग-अलग सड़क हादसों में घायल हुए। वहीं 2022 में 1050 लोग घायल हुए। 2023 में संख्या 1053 रही, 2024 में 1062 तो 2025 में 1074 लोग सड़क हादसों में घायल हुए। इन लोगों में कुछ लोग बेहद गरीब परिवार के रहे, जिनको इलाज कराने के लिए जेवर व मकान तक गिरवी रखना पड़ गया। दातागंज क्षेत्र के एक व्यक्ति ने तो अपना मकान तक बेच दिया। उसके बाद भी बेटे को बचा नहीं सका। बेटे का शव अस्पताल से लेने के लिए उसे भीख तक मांगनी पड़ी।
प्रधानमंत्री ने 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उन व्यक्ति को दिया है जो सड़क हादसों में घायल हो जाते हैं। इससे गरीब वर्ग के लोगों को अपना जेवर आदि गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी। अब उन्हें कैशलेस इलाज मिलेगा। इससे आम जनता को काफी राहत मिलेगी। -हरिओम कुमार, एआरटीओ
छह माल वाहक वाहनों का एआरटीओ ने किया चालान
बदायूं। एआरटीओ की प्रवर्तन टीम ने शनिवार को कछला में वाहनों की चेकिंग की। इस दौरान सवारी ढो रहे छह माल वाहक वाहनों का चालान किया गया। एक टाटा मैजिक, जो फिटनेस फेल थी और सवारियां ढो रही थी, को परिवहन की टीम ने सीज कर दिया। दो पहिया 70 वाहन, बिना हेलमेट, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, मोबाइल फोन का प्रयोग एवं बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन चलाने के अभियोग में पर चालान किए गए। संवाद