मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर धरना देकर की नारेबाजी
आशा जननी सुरक्षा फाउंडेशन की वर्करों ने प्रदेश सरकार से निश्चित मानदेय की मांग और कार्य बहिष्कार करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। कार्यकत्रियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मरीज को लेने के लिए निकली एंबुलेंस को भी प्रदर्शनकारी वर्करों ने रोक लिया। इससे काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सोमवार को फाउंडेशन की ब्लॉक अध्यक्ष मीना देवी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक उनका निश्चित मानदेय तय नहीं किया है। उन्हें जननी सुरक्षा योजना से मिलने वाली धनराशि पर ही गुजर करनी पड़ती है। इससे पहले नारेबाजी करती हुईं कार्यकत्रियां परिसर में धरना पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी भी की। करीब तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार भी किया। वहीं, प्रदर्शन के वक्त किसी मरीज को लेने के अस्पताल से 102 एंबुलेंस निकली तो गुस्साई कार्यकत्रियों ने उसे रोक लिया। कार्यकत्रियों ने डॉक्टरों के समझाने पर भी एंबुलेंस को रोके रखा। प्रदर्शनकारियों में सुशीला देवी, शारदा मिश्रा, मुन्नी देवी, संगीता यादव, सरस्वती, अनीता शर्मा, बेबी, निर्मला, रमा शर्मा, ओमवती, जीनत, नाहिदा और संतोष कुमारी आदि शामिल थीं।
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काम पर नहीं लौटीं तो होगी सेवा समाप्त
उझानी। आशा बहुओं के कार्य बहिष्कार को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. सिद्दा, प्रभारी चिकित्साधीक्षक मोहम्मद तहसीन और एडीओ खुशीराम ने बैठक करके आगे की रणनीति पर विचार किया। चूंकि जल्द ही पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान शुरू होने वाला है, इसलिए सेहत महकमे के अफसर भी बेचैन हैं। प्रभारी चिकित्साधीक्षक ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि आशा कार्यकत्रियों ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों का बहिष्कार किया तो उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
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अाशा बहुअों का धरना जारी
बदायूं। आशाओं का धरना 12वें दिन भी जारी रहा। सीएमओ कार्यालय के बाहर आवाज बुलंद करते हुए आशाओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि जब तक निश्चित मानदेय समेत अन्य मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अस्पताल परिसर में सहसवान, बिल्सी, उसावां, वजीरगंज, बिसौली, आसफपुर, बिनावर, समरेर आदि ब्लॉकों से आईं आशाओं ने धरने का समर्थन किया। इस मौके पर सोनिया राठौर, नीलम, सरोज, गायत्री, विनीता, सरला, कुंतेश, संगीता आदि मौजूद रहीं।