होली के बाद शहर की सफाई व्यवस्था एकदम से चरमरा गई है। सारे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे नजर आ रहे हैं। साफ सफाई में मनाए जाने वाले त्योहार पर शहर की गलियों में गंदगी शहरियों को परेशान कर रही है। होलिका स्थलों के पास लगे राख और कूड़े के ढेर उड़कर स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए नगर पालिका के पास करीब डेढ़ दर्जन वाहन और करीब 300 सफाई कर्मचारियों की भारी भरकम फौज है। बावजूद इसके शहर के कई इलाकों में नारकीय स्थिति है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर नगर परिषद की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। इसका खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर में कई नाले चोक होने की वजह से कई इलाकों में जल भराव की समस्या है, लेकिन नगर पालिका परिषद के कर्मचारी इसे लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
-----
होली से पहले सभी होलिका स्थलों की सफाई कराने के साथ ही रंगोली बनवाई गई थी। त्योहार पर जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया था। सफाई कर्मचारियों को होली के बाद भी विशेष रूप से सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे। यदि कहीं पर सफाई नहीं हुई है तो वहां पर सफाई कराई जाएगी।
ललतेश सक्सेना, ईओ नगर पालिका परिषद