गायब लड़की के मामले में अहिल्याबाई होल्कर यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह को अमानवीय यातनाएं देने के विरोध में बुधवार को राजपाल समर्थकों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। उन्होंने कोतवाली में तैनात एक दरोगा और कादरचौक थाने के दो पुलिस कर्मियों पर भी नामजद दरोगा समेत उसके घरवालों का सहयोग करने का आरोप लगाया। लोगों ने एसएसपी से भी मुलाकात कर आरोपी दरोगा व अन्य के गिरफ्तारी की मांग की।
ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू पाल के नेतृत्व में होल्कर समाज के लोगों ने कोतवाली में तैनात एक दरोगा और कादरचौक थाने के दो सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध ठहराते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन और घेराव के दौरान गुस्साए लोगों ने कोतवाल गोपीचंद्र यादव से घटनाक्रम को लेकर पहले तो बातचीत की फिर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि राजपाल को शक में पकड़ कर मैनपुरी जिले में तैनात दरोगा ने महज इसलिए अमानवीय यातनाएं दी कि गायब लड़की उसकी बहन है। उनका कहना है कि उक्त दरोगा ने राजपाल की पहले अपने गांव फिर कोतवाली में विवेचक दरोगा के कमरे में बांधकर पिटाई की।
बता दें कि लड़की भगाने के आरोपी युवकों की सरंक्षण देने के शक में लड़की के भाई मैनपुरी जिले में तैनात दरोगा समेत परिवार के सदस्यों ने राजपाल को बेरहमी से पीटा था। पिटाई से घायल राजपाल को उसके घरवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने अगले दिन ही आरोपी दरोगा समेत उसके भाईयों के खिलाफ अपहरण, लूट और मारपीट में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। हालांकि नामजद अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नामजद दरोगा को पकड़ने के लिए पुलिस ने पकड़ने में दिलचस्पी ही नहीं दिखाई। प्रदर्शनकारियों में शामिल घायल राजपाल के भाई धर्मवीर ने बताया कि दरोगा को पकड़कर और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस के कब्जे में नामजद दरोगा की कार
उझानी। बोंदरी निवासी राजपाल को पकड़ कर लाने में जिस कार का इस्तेमाल किया गया, वह इस वक्त कोतवली में है। प्रदर्शनकारियों ने कार को खोलकर देखा तो उसके अंदर लोहे की रॉड, डंडे और मैनपुरी में तैनात नामजद दरोगा की टोपी भी मिली। लोगों ने पुलिस से भी कहा कि जब वह राजपाल को कोतवाली पुलिस के हवाले करने लाया तो उसे मौके पर ही पकड़ा क्यों नहीं गया।
दरोगा की बहन को गायब करने में नामजद है चार युवक
उझानी। मैनपुरी में तैनात दरोगा की बहन 16 अक्तूवर से गायब है। इस मामले में गुमशुदगी दर्ज हुई, जिसमें कोतवाली क्षेत्र के गांव कुडानरसिंहपुर के राधेश्याम शंभूनाथ, अलीगढ़ में इगलास थाना क्षेत्र के गांव गिरीश शर्मा और उसके अज्ञात भाई को नामजद कराया था। इसकी विवेचना कोतवाली में तैनात दरोगा राजपाल सिंह को सौंपी गई थी। सूत्रों की मानें तो आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े तो लड़की के दरोगा भाई ने खुद ही छानबीन शुरू कर दी। यह बात विवेचक को भी पता थी। लड़की के दरोगा भाई को शक रहा कि बोंदरी का राजपाल आरोपियों को सरंक्षण प्रदान कर रहा है। जिस वक्त राजपाल को पकड़ा गया, तब भी आरोपी दरोगा वर्दी में था। दबिश के बाद उसने विवेचक से भी फोन पर बात की थी।