फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

... मुझे अपने ही रंग में, रंग लो

Thu, 05 Mar 2015 08:00 PM IST
बदायूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रंगों का त्योहार होली के इंद्रधनुषी रंगों में आज लोग रंगेगे। हर किसी के मुंह से यही निकलेगा ... मुझे अपने ही रंग में रंग लो। उल्लास और उमंग के इस त्योहार में होलिका दहन होते और उसमें अक्षत डालकर भक्त प्रह्लाद की जय-जयकार गूंजेगी। आपसी अभिवादन और बुजुर्गों के सम्मान में आशीर्वाद लेने की होड़ लगेगी। हुरियारे मस्त होंगे, निराली दुनिया दिखेगी तो आपसी भाईचारा भी बढ़ेगा। आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए मेल-मिलाप के कार्यक्रमों के आयोजन चलेंगे।
विज्ञापन

होली की तैयारी लोग लंबे समय से करते हैं। बच्चों के सपने की होली बहुत पहले से ही सजने लगती है। छह मार्च को रंग है। इससे पहले परिवार के परिवार तैयारियों में जुटे हुए हैं। तीन दिनों से बाजारों में होली की रौनक सभी सीमाएं तोड़े रही। दुकानदार गदगद दिखे। दुकानदारों पर खरीददार भारी पड़ गए।

स्पाइडर मैन, औगी, मिक्की के रूप में पिचकारियां
होली के बाजार में पिचकारियों के कई रूप हैं। हाथ से चलाने वाली पुराने तरीके की पिचकारियों के अलावा, एके-47 पिचकारियां खूब बिक रहीं हैं। पिस्टल में ट्रेगर दबाते ही रंग-बिरंगे रंग की धार से किसी को भी रंगीन कर सकते हो। बच्चों की किलकारियों के बीच स्पाइडरमैन, औगी और मिक्की माउस भी मुंह, नाक, कान आदि से रंग की धारें छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन


मुख्य चौराहों पर उकेरी गईं अल्पनाएं
नगर पालिका परिषद की ओर से जहां होली के पर्व को देखते हुए साफ-सफाई का विशेष अभियान चला। वहीं चौराहों पर रंगोली बनाई गईं। होली स्थलों पर रंगोली सजीं। रंग खेलने से पूर्व जहां सड़कों पर रंगों की डिजाइनें बन जाएंगी, वहीं रंगोली अभी से अपना प्रभाव छोड़ रहीं हैं।

पूजन हुआ और धधकने लगी होली
विभिन्न स्थलों पर दहन से पूर्व ऊंचे-ऊंचे लकड़ी और उपलों के रूप में स्थापित होलिका का पूजन करने के लिए तांता लगा रहा। अक्षत-रोली गुझिया आदि से होलिका स्थल का पूजन किया गया। रात में पूर्णिमा और प्रदोष काल में आग लगा दी गई। भक्त प्रह्लाद के जयकारे गूंजने लगे। अक्षत डालकर लोगों ने परिक्रमा की और घर-परिवार की खुशहाली की कामना की।

आंगन में बलगुरिया की होली
शहर, मोहल्ला और गांव की होली पर अक्षत चढ़ाने के बाद घरों में बलगुरियों की मालाओं से बनी होलिका का पूजन कर आग लगाई गई। महिलाओं और बच्चों ने इनकी परिक्रमा कर परिवार के कल्याण की कामना की। घर में बुजुर्गों का अभिवादन कर उनसे आशीर्वाद लिया।

देर रात तक बिके गन्ना और जौ की बालियां
होली पूजन के लिए शहर में चौराहे-चौराहे गन्ने और जौ की बालियों की बिक्री चलती रही। होली पूजन के लिए विशेष सामग्री मानी जाती है। जौ की बालियां होली में भूनकर एक-दूसरे को अक्षत देकर अभिवादन करने की परंपरा है।

ढोल बाजे, बाजे रे, बाजे ढोल
होली हुड़दंग का त्योहार है। होली के गाने बजने लगे हैं। जगह-जगह लोगों ने डीजे सिस्टम लगाकर होली गीतों की धुनों पर डांस किया। गली-मोहल्लों में बच्चों ने आते-जाते लोगों को बिना रंगे नहीं छोड़ा। मुखौटे लगाए बच्चे शोर करते रहे।  

बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी
बदायूं। होली के साथ गानों का भी महत्व रहा है। रीमेक्स गानों की धूम मची रही। वहीं होली के फिल्मी गीतों बलम पिकारी जो तूने मुझे मारी..., के अलावा ...आज न छोड़ेंगे हमजोली, खेलेंगे हम होली और डरने की क्या बात है, अभी होली की शुरूआत है... के अलावा  लेस्ट्स प्ले होली और ...नीला, पीला, हरा, गुलाबी, कच्चा-पक्का रंग के रंगीले गानों की जगह-जगह धूम मची रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें